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- बिना टॉवर 5G से भी तेज स्पीड स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिये जाने क्या है खास...?
Posted by : achhiduniya
05 September 2021
स्टारलिंक सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा है। एलॉन मस्क ने साल 2015 में इस सर्विस का ऐलान किया था। स्टारलिंक के जरिये पूरी धरती
पर समान रूप से इंटरनेट सेवा दी जाएगी, वह भी
लो-ऑर्बिट सैटेलाइट के जरिये अन्य इंटरनेट में समुद्र और महासागरों के नीचे लंबे-लंबे तार दौड़ाए जाते हैं जिससे दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने तक इंटरनेट
पहुंचाया जाता है। स्टारलिंक का दावा है कि सैटेलाइनट के जरिये यह सेवा पूरी
दुनिया में दी जाएगी। अभी हाल में स्टारलिंक ने अपने कस्टमर को 100,000 टर्मिनल दिए हैं
जिनसे इंटरनेट सर्विस दी जाएगी। इसके लिए एलॉन
मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने नवंबर 2019 में एक
सैटेलाइट भी लॉन्च की है। बीटा प्रोग्राम के तहत स्टारलिंक ने साल 2020 में अपने कुछ लकी कस्टमर को प्रति माह 99 डॉलर या 7,200 रुपये की दर से इंटरनेट सेवा
देने का ऑफर दिया था। स्पेसएक्स ने अभी तक 1700
सैटेलाइट लॉन्च किए हैं जिनसे स्टारलिंक कस्टमर्स के 100,000 टर्मिनल जुड़े हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 5 लाख इंटरनेट सर्विस के ऑर्डर
स्टारलिंक को मिले
हैं जिन पर काम हो रहा है। स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस में कस्टमर
को एक किट मिलती है। इसके साथ एक यूजर टर्मिनल होता है जिसे डिशी मैकफ्लैटफेस (LOL) कहते हैं। इसके साथ ही कस्टमर को एक वाई-फाई राउटर, केबल, एक पावर सप्लाई और माउंटिंग
ट्राईपॉड दिया जाता है। पृथ्वी की लो ऑर्बिट में स्पेसएक्स 30,000 स्टारलिंग सैटेलाइट भेजने का लक्ष्य बना चुका है। इन
सैटेलाइट के माध्यम से ही पूरी दुनिया में कस्टमर्स को ब्रॉडबैंड की सुविधा दी
जाएगी। Indiatimes.com
ने इस बात की जानकारी दी है। स्टारलिंक के
अधिकांश कस्टमर बीटा प्रोग्राम का लाभ उठाते हैं। यह बीटा वर्जन दुनिया के
दूर-दराज इलाकों में भी काम करता है जहां आम इंटरनेट की सेवा नहीं मिलती या जहां इंटरनेट
कंपनियों के टॉवर नहीं है। जिन इलाकों में इंटरनेट की सेवा काफी धीमी है, वहां एलॉन मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिये तेज इंटरनेट की
सेवा देती है। बीटा प्रोग्राम को लेने के लिए कस्टर्स को 36,440 रुपये देने होंगे। स्पेसएक्स के मुताबिक स्टारलिंग इंटरनेट हाई
स्पीड ब्रॉडबैंड है,जिसे
इस्तेमाल में लेने के लिए
कंपनी की तरफ से किट दी जाती है। साल 2021 में
स्टारलिंक का काम पूरी दुनिया में फैलने की उम्मीद है। इसकी स्पीड 50 एमबीपीएस से लेकर 150
एमबीपीएस तक हो सकती है। इसे ऑर्डर करने का पूरा काम ऑनलाइन रखा गया है बाकी
सैटेलाइनट की तुलना में स्टारलिंक के सैटेलाइट धरती से ज्यादा नजदीक हैं। इसलिए
इंटरनेट की स्पीड तेज होगी और गेमिंग, वीडियो
कॉलिंग ज्यादा आसान होगी। यह सेवा उन इलाकों में ज्यादा कारगर होगी जहां आम
इंटरनेट सेवा काम नहीं
करती। जहां मोबाइल कंपनियों के टॉवर नहीं हैं या इंटरनेट है
भी तो बहुत धीमा। 5G स्पीड के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा रहा, लेकिन यह बात जरूर है कि 5G में जहां
टॉवर की जरूरत होगी तो स्टारलिंक में ऐसी कोई बात नहीं है। स्पेसएक्स इसकी स्पीड 300 एमबीपीएस तक ले जाने की तैयारी में है। अब तक यही माना जाता था
कि भारत में स्टारलिंक इंटरनेट शायद ही शुरू हो पाए,लेकिन
मस्क ने संकेत दिया है कि सरकारी मंजूरी मिलते ही वे भारत में इसकी सेवा शुरू कर
देंगे।





