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- कई घोटाले उजागर करने वाले IAS अमित खरे बने पीएम नरेंद्र मोदी के सलाहकार जाने खास बातें...
Posted by : achhiduniya
12 October 2021
अमित खरे साल 1985 बैच के IAS हैं, जो कई सरकारी पदों पर अपनी
सेवाएं दे चुके हैं। अमित खरे हाल ही में 30 सितंबर
को सचिव उच्च शिक्षा के पद से रिटायर हुए थे। अब पीएम नरेंद्र मोदी के सलाहकार के
रुप में उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। अमित खरे ना सिर्फ पीएम मोदी के निर्देशन
में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को आगे बढ़ाया, बल्कि आई एंड बी मिनिस्ट्री में रहते हुए भी डिजिटल मीडिया को
लेकर कई दिशा निर्देश जारी करते हुए महत्वपूर्ण बदलाव लाने में भी अहम भूमिका
निभाई। वे अब पूर्व कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा
और पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा के पीएमओ
छोड़ने के बाद कार्यालय में जगह लेंगे। अपने स्पष्ट निर्णय को लेकर खरे ने खास पहचान
बनाई है। अमित खरे बिहार/झारखंड कैडर के आईपीएस हैं, जिनका
जन्म साल 1961 में हुआ था। इससे पहले
वो दो मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं। खरे को चारा घोटाले का खुलासा करने की वजह
से जाना जाता है। दरअसल, 1993-94 में
उन्होंने पश्चिम सिंहभूम जिले के तत्कालीन उपायुक्त रहते हुए चाईबासा कोषागार से 34 करोड़ रुपये से अधिक की
निकासी को उजागर किया था और इसकी
प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसमें कई राजनेताओं को सजा भी हुई। चाईबासा
का उपायुक्त रहते हुए भी उन्होंने कई खास कार्य किए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, खरे पटना, दरभंगा के जिलाधिकारी रहे और
उन्होंने बिहार में मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षा कंबाइंड करा कर मेधा घोटाला
को रोका था। उनकी पत्नी निधि खरे फिलहाल केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में
अपर सचिव के पद पर तैनात हैं। 36 साल के शानदार
करियर के दौरान
उन्होंने भारत सरकार, झारखंड और बिहार सरकार में
महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल में
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कई क्रांतिकारी बदलाव किए। अपने कार्यकाल में
डीडी झारखंड सहित एक दर्जन सैटेलाइट चैनल लांच किए हैं। वहीं दूरदर्शन और आकाशवाणी
को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। साथ ही अपने कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय फिल्म
महोत्सव गोवा वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश की थी और इसका सफल आयोजन भी हुआ था। खरे
झारखंड के राज्यपाल वे मारवाह के प्रिंसिपल सेकेट्री और पटना के डीएम और कलेक्टर
भी रह चुके हैं। इसके अलावा खरे झारखंड के पहले वाणिज्यकर आयुक्त थे।