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- मोरबी ब्रिज हादसा कोर्ट ने खारिज की ओरेवा ग्रुप के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल की अंतरिम जमानत याचिका
Posted by : achhiduniya
07 March 2023
बीते साल 30 अक्टूबर में गुजरात के मोरबी कस्बे में मच्छु नदी पर बना पुल ढह गया था। इस हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 56 अन्य
घायल हो गए थे। मामले में गिरफ्तार किए गए 10
आरोपियों में से एक जयसुख पटेल ने एक याचिका दायर कर पीड़ितों के परिवारों को
मुआवजे का भुगतान करने के लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए 15 से 20 दिनों के लिए जेल से अस्थायी
रिहाई की मांग की थी। गुजरात हाईकोर्ट ने 22 फरवरी
को घड़ी निर्माता कंपनी ओरेवा को हादसे में जान गंवाने वाले हर
व्यक्ति के को 10 लाख और घायल हुए हर व्यक्ति को दो लाख रुपये की राशि चार सप्ताह
के अंदर देने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और पीड़ितों के
परिजनों के विरोध के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने
पटेल की अंतरिम जमानत याचिका पर अपना फैसला 7 मार्च
के लिए सुरक्षित रख लिया था। पीड़ितों के परिवारों की ओर से दिलीप अगेचनिया ने
अदालत से कहा कि पटेल को
इस समय रिहा नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। पुलिस ने इस हादसे के सिलसिले में पटेल सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और सभी आरोपी वर्तमान में मोरबी उप-जेल में बंद हैं। गुजरात की एक अदालत ने जेल में बंद ओरेवा समूह के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल की अंतरिम जमानत की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। याचिका में पटेल ने गुजरात के मोरबी कस्बे में मच्छु नदी पर बने पुल
से जुड़े हादसे में मृतकों के परिवारों और घायल 56 लोगों को मुआवजा देने के लिए
आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के वास्ते जमानत पर रिहा करने का आग्रह किया था। प्रधान
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की कोर्ट ने पटेल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज
कर दी। याचिका का राज्य सरकार और पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने विरोध किया था।
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