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- भारत में क्या वाकई 220kmph की रफ्तार से दौड़ पाएगी ट्रेने...?
Posted by : achhiduniya
15 April 2023
देश में कई ऐसी ट्रेनें हैं, जिन्हें अपने गंतवय स्टेशन से निर्धारित स्टेशन तक पहुंचने में तीसरा दिन लग जाता है। इस
सिलसिले में वंदे भारत ट्रेन का उदाहरण लें तो ये देश
की पहली सुपरफास्ट ट्रेन है जो आपको नई दिल्ली से वाराणसी महज 8
घंटे में पहुंचा देती है, इसे भी अभी तक उसकी अधिकतम
रफ्तार से नहीं चलाया जा सका है। देश की सबसे तेज रफ्तार
से चलने वाली रेल गाड़ियों की बात करें तो वंदे भारत एक्सप्रेस की स्पीड 180kmph है। दिल्ली से झांसी के बीच चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस की स्पीड 160 kmph तो
दिल्ली-मुंबई राजधानी की स्पीड 140 kmph है। दिल्ली-हावड़ा हो या दिल्ली-मुंबई रेल रूट, देश में मौजूद किसी भी रेल ट्रैक क्षमता इतनी नहीं है कि वहां
200 की स्पीड से ट्रेन दौड़े और वो ट्रैक उसका वजन झेल सके। इसलिए ट्रेनों की
अधिकतम स्पीड 160 या 180 होने के बावजूद उन्हें 140 किलोमीटर प्रति घंटे के नीचे
ही चलाया जाता है। भारतीय रेलवे में बीते कुछ सालों में कई बड़े बदलाव हुए हैं,लेकिन बात जब कम समय में ज्यादा दूरी तय करने वाली ट्रेनों की
होती है तब पता चलता है
कि देश में मौजूद रेलवे ट्रैक्स की क्षमता हाई-स्पीड ट्रेन संभालने लायक नहीं है। इन मुश्किलों और चुनौतियों का ध्यान रखते
हुए अब रेलवे हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक बना रहा है। जहां जल्द ही 220 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से
ट्रेनों को दौड़ाया जाएगा। राजस्थान के जोधपुर डिवीजन में गुढा-थथाना मीठड़ी के
बीच 59 किलोमीटर का ट्रैक बन रहा है। जहां वंदे भारत समेत देश की अन्य तेज रफ्तार वाली
गाड़ियों की टेस्टिंग होगी। इसे आप देश का सबसे मजबूत ट्रैक कह सकते हैं। रेल
अधिकारी इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साहित हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक इस हाई
स्पीड टेस्ट ट्रैक का पहले फेज का काम दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। पहले फेज में
23 KM का ट्रैक बन रहा है। गुढ़ा में 13 किलोमीटर का एक हाई-स्पीड लूप और नवा
में 3 किलोमीटर का एक क्विक टेस्टिंग लूप होगा। इस ट्रैक से गुजरने वाली हर गाड़ी
की स्टेबिलिटी टेस्टिंग, फ्लेक्सिबिलिटी टेस्टिंग होगी।
इसके साथ ही हर रेलगाड़ी का व्हील ऑफ लोडिंग टेस्ट, बोगी
रोटेशनल रेजिस्टेंस टेस्ट और एक्स-फैक्टर
टेस्ट भी किया जाएगा। इसके बाद देशभर में इस मॉडल के हाईटेक, मजबूत और सुरक्षित ट्रैक बनेंगे, ताकि
फ्यूचर की रेल जर्नी का सफर, सुखद और मंगलमय होने के साथ
समय बचाने वाला साबित होगा। ये प्रोजेक्ट साल 2024 में पूरा होगा।
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