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- बीजेपी में शामील होंगे कांग्रेस नेता सचिन पायलट या नई पार्टी बनाने की प्रष्ठभूमि तैयार कर रहे...?
Posted by : achhiduniya
12 April 2023
कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट गहलोत सरकार
के खिलाफ हमेशा से ही बोलते रहे हैं,लेकिन
इस बार पायलट ने अपनी सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा है। 9 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सचिन पायलट ने गहलोत सरकार से
मांग की थी कि बीजेपी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार में जो 45 हजार करोड़ का खान घोटाला हुआ उसकी जांच कराई जाए नहीं तो मैं 11 अप्रैल को जयपुर स्थित शहीद स्मारक स्थल पर अनशन पर बैठूगा।
पायलट के इस बयान पर कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि, सचिन
का यह कदम पार्टी के हित में नहीं है,लेकिन सचिन पायलट ने कल गहलोत सरकार के खिलाफ अनशन किया। जिसके
बाद से ही एक सवाल उठने लगे हैं कि, क्या
सचिन प्रदेश में अपनी नई पार्टी बनाने की राह पर तो नहीं निकल पड़े हैं। कांग्रेस
नेता सचिन पायलट ने अपने अनशन में किसी भी तरह का पार्टी चिन्ह या झंडे का उपयोग
नहीं किया था। वहीं पायलट के अनशन में उनके समर्थकों को छोड़ कोई भी कांग्रेसी
नेता नहीं देखा गया, जो उन्हें सपोर्ट करने आया हो।
बता दें कि,
पायलट के मंच के पीछे एक बड़ा सा बैनर था। जिस पर
केवल महात्मा गांधी की तस्वीर लगी हुई थी। इसके अलावा मंच पर दो छोटी सी तस्वीरें
भी मौजूद रही। जिनमें एक महात्मा गांधी की तस्वीर और दूसरी ज्योतिबा फुले की थी। सचिन
पायलट के धरना प्रदर्शन में लगाए गए इस तस्वीर से ही सवाल उठ रहे हैं कि, सचिन कांग्रेस छोड़ बीजेपी या अपनी नई पार्टी बनाने की राह पर
तो नहीं निकल पड़े हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो, उनका कहना हैं
कि सचिन पायलट आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए
फैसला ले सकते हैं क्योंकि अगर अब कोई वो बड़ा कदम नहीं उठाते हैं तो उनकी
राजनीतिक करियर खत्म होने की उम्मीद है क्योंकि कांग्रेस से इतनी बागावत करने के
बाद उन्हें पार्टी कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं देना चाहेगी। विश्लेषकों का मानना हैं
कि, जिस तरह वह बीजेपी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेर रहे हैं वैसे
तो नहीं लगता कि वो भाजपा का रूख करने वाले हैं। लेकिन अधिक संभावना है कि वो अपनी
नई पार्टी बनाने का एलान जल्द कर दें। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो , सचिन पायलट ने पार्टी हाई कमान, खास
करके सीएम गहलोत को एक संदेश देने की कोशिश की है कि, अगर मेरी बातों को नजरअंदाज किया जाता है तो आगामी विधानसभा
चुनाव में पार्टी को मुझसे लड़ना पड़ सकता है।

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