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- कब और कैसे किसी को भगोड़ा घोषित किया जाता है....?
Posted by : achhiduniya
23 April 2023
CRPC
की धारा 82 के तहत किसी आरोपी के खिलाफ कोर्ट की
ओर से गैर जमानती वारंट जारी हो जाता है और कई बार नोटिस और समन मिलने के बाद भी
अगर आरोपी कोर्ट में या पुलिस के सामने सरेंडर नहीं करता है। तो CRPC की धारा 82 के तहत फरार आरोपी की घोषणा
की जाती है। आम भाषा में ऐसे व्यक्ति को भगोड़ा कहा जाता है, लेकिन कानून की भाषा में इसे फरार
व्यक्ति की उद्घोषणा शब्द इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे
मामलों में अगर आरोपी देश छोड़कर भागता है या भागने की कोशिश करता है, तो उसे भगोड़ा
घोषित कर दिया जाता है। इसके तहत बेनामी लेन-देन
करना, मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स
की चोरी करना,
नकली सरकारी स्टाम्प या करंसी तैयार करना, लेन-देन के मामले में धोखाधड़ी करने जैसे कई मामले आते हैं। किसी
आरोपी को भगोड़ा घोषित करने के बाद अदालत की ओर से कभी भी आरोपी की सम्पत्ति को
कुर्क करने का आदेश जारी किया जा सकता है। CrPC की धारा
83 में ऐसा करने का प्रावधान है। भगोड़ा घोषित होने पर अगर अपराधी
खुद पेश हो जाता है, तो विशेष अदालत उसके खिलाफ
होने वाली कार्यवाही को खारिज भी कर सकती
है,अगर वो
खुद पेश न होकर अपने वकील को भेजता है, तो वकील
को एक हफ्ते के भीतर यह बताना होगा कि आरोपी पेश कब होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो
कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। भगोड़ा घोषित होने के बाद आरोपी विशेष
अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील कर सकता है। गौरतलब है कि विशेष अदालत के आदेश के 30 दिन के भीतर हाई कोर्ट में अपील करनी होती है। अगर आरोपी देरी
करता है तो उसे देरी की वजह भी बतानी होगी।
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