- Back to Home »
- Property / Investment »
- RBI देगा 80,000 करोड़ रुपये सरकार को जाने क्यू...?
Posted by : achhiduniya
08 May 2023
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में जब
वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश किया था। उसमें भारतीय रिजर्व बैंक और सरकारी
बैंकों से टोटल 48,000 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिलने का अनुमान
जताया था। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में इकोनॉमिस्ट गौरा सेनगुप्ता का कहना है कि इस
साल आरबीआई का डिविडेंड बजट अनुमान को पार कर सकता है। ये 70,000 से 80,000 करोड़ रुपये के बीच रहने
की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक [आरबीआई] ने इस साल विदेशी मुद्रा के लेनदेन से
अच्छा खासा मुनाफा कमाया है। जबकि
रेपो रेट के लगातार बढ़ने की वजह से केंद्रीय
बैंक की स्थानीय बैंकों से होने वाली इनकम बढ़ी है। इसलिए केंद्रीय बैंक का
प्रॉफिट बढ़ा है, जिसकी बदौलत वह सरकार को लगभग 80,000 करोड़ रुपये का डिविडेंड दे सकता है। रेपो रेट पर ही आरबीआई
देश के अन्य बैंकों को पैसा उधार देता है। इस साल मई के बाद से इसमें लगातार
बढ़ोतरी हो रही है। फरवरी 2023 में केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार इसे बढ़ाया था और अब ये 6.5 प्रतिशत की दर पर है। भारतीय रिजर्व बैंक का वित्त वर्ष
जुलाई
से जून की अवधि का होता है। केंद्रीय बैंक ने 2019 में अपने अकाउंटिंग फ्रेमवर्क
में बदलाव किया था। आरबीआई के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में बनी कमेटी
ने इसकी सिफारिश की थी। इसके तहत विदेशी मुद्रा के लेनदेन की कॉस्ट को साप्ताहिक
आधार की बजाय हिस्टोरिकल कॉस्ट के आधार पर तय किया जाने लगा। मौजूदा समय में एक
डॉलर खरीदने की हिस्टोरिकल कॉस्ट 63 रुपये है। जबकि आरबीआई मार्केट कॉस्ट पर डॉलर
की बिक्री करता है। ये
साल भर औसतन 80 रुपये पर बनी रही है। इस तरह विदेशी मुद्रा
के लेनदेन से आरबीआई को 68,990 करोड़ की कमाई हुई है। इस साल आरबीआई ने वित्त वर्ष 2022-23 में अप्रैल से फरवरी के बीच 206 अरब डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा का रिकॉर्ड लेनदेन किया था।
ये इससे पिछले वित्त वर्ष में महज 96 अरब
डॉलर था।
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)