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- गरीबी उन्मूलन में भारत का अच्छा प्रदर्शन..इतने करोड़ लोग आए गरीबी से बाहर
Posted by : achhiduniya
11 July 2023
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में
ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल द्वारा जारी वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक के
ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत ने गरीबी
उन्मूलन के मोर्चे पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत में 2005-06 से 2019-2021 के दौरान सिर्फ 15 साल में 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर
निकले हैं। रिपोर्ट कहती है कि गरीबी में कमी लाना संभव है। कोविड-19 के महामारी के दौरान के
व्यापक आंकड़ों की कमी की वजह से
तात्कालिक संभावनाओं का आकलन करना थोड़ा मुश्किल
है। भारत में 2005-06
से 2019-21 तक 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर
निकले हैं। 2005-06
में भारत में लगभग 64.5 करोड़ लोग बहुआयामी
गरीबी में थे। 2015-16
में यह संख्या घटकर लगभग
37 करोड़ पर और 2019-21 में 23 करोड़ पर आ गई। रिपोर्ट
में बताया गया है कि भारत में पोषण के संकेतक के आधार पर बहुआयामी गरीबी और वंचित
लोगों की संख्या 2005-06 के 44.3 प्रतिशत से घटकर 2019-21 में 118 प्रतिशत पर आ गई।
बाल मृत्यु दर भी इस दौरान 4.5 प्रतिशत से घटकर 1.5 प्रतिशत रह गई। रिपोर्ट
के अनुसार,
जो लोग गरीब हैं और खाना
पकाने के ईंधन से वंचित हैं, उनकी संख्या 52.9 प्रतिशत से घटकर 13.9 प्रतिशत रह गई है। वहीं स्वच्छता से वंचित लोग 2005-06 के 50.4 प्रतिशत से घटकर 2019-21 में 11.3 प्रतिशत रह गए हैं। पीने
के साफ पानी यानी पेयजल के मानक पर देखें, तो इस अवधि में ऐसे लोगों की संख्या 16.4 प्रतिशत से घटकर 2.7 प्रतिशत रह गई। वहीं
बिजली से वंचित लोगों की संख्या इस दौरान 29 प्रतिशत से घटकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई। इसमें कहा गया है कि भारत सहित दुनिया के 25 देशों ने पिछले 15 साल में सफलता के साथ
अपने वैश्विक एमपीआई मूल्य को आधा किया है। इससे इन देशों में हुई प्रगति का पता
चलता है। इन देशों में कंबोडिया, चीन, कांगो, होंडुरास, भारत, इंडोनेशिया, मोरक्को, सर्बिया और वियतनाम शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के
मुताबिक, भारत ने अप्रैल में 142.86 करोड़ लोगों के साथ
जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। अब भारत दुनिया में सबसे अधिक
आबादी वाला देश है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘विशेष रूप से भारत ने गरीबी उन्मूलन के मोर्चे पर काफी
अच्छा प्रदर्शन किया है। सिर्फ 15 साल में 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।