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- 40% निर्यात शुक्ल बढ़ने से विदेशी व्यापारियों ने प्याज खरीदने से कर दिया इनकार बड़ी मुसीबत...
Posted by : achhiduniya
22 August 2023
केंद्र
सरकार द्वारा प्याज पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 40 फीसदी किए जाने से राज्य में प्याज किसान और व्यापारी
आक्रामक हो गए हैं। इससे भविष्य में खुदरा बाजार में प्याज की कीमत कम होने की आशंका
है। इसलिए केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में नासिक जिले की 14 बाजार समितियां सोमवार
से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई हैं। यह निर्णय लासलगांव बाजार समिति में
नासिक जिला प्याज व्यापारी संघ की बैठक में लिया गया। नासिक में किसानों ने प्याज
बेचना बंद कर दिया है। किसानों के समर्थन में नवी मुंबई कृषि बाजार आय समिति [APMC] में प्याज-आलू बाजार बंद रहने की संभावना है। वहीं
अगर वाशी में प्याज और आलू बाजार बंद हो जाता
है, तो इसका असर शहरवासियों पर पड़ेगा। प्याज की कीमतें
पहले से ही कम हैं और निर्यात शुल्क बढ़ने से स्थानीय बाजार में प्याज की आमद
बढ़ेगी। अगर ऐसा हुआ तो फिलहाल 18 से 22 रुपये किलो बिकने वाला प्याज 10 रुपये के अंदर आ सकता है।
इसलिए किसानों के साथ-साथ व्यापारी भी मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार निर्यात
शुल्क हटाए। विदेशों में निर्यात होने वाले प्याज के 130 से 140 कंटेनर जवाहरलाल नेहरू
पोर्ट ट्रस्ट [JNPT] बंदरगाह पर फंसे हुए हैं।
अचानक निर्यात शुल्क लगाए
जाने से विदेश जाने वाले प्याज की कीमत 40 फीसदी तक बढ़ गई है। इस वजह से विदेशी व्यापारियों ने
प्याज खरीदने से इनकार कर दिया और निर्यात के लिए आया प्याज JNPT बंदरगाह पर पड़ा हुआ है। JNPT पोर्ट की तरह, नासिक से भी प्याज का
निर्यात बंद हो गया है. अगर अगले दो दिनों में इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो
कंटेनरों में प्याज सड़ने से व्यापारियों और किसानों को करोड़ों का नुकसान होगा.
भारत से हर महीने करीब 2500 हजार कंटेनर एशियाई देशों में निर्यात किये जाते हैं,लेकिन अब व्यापारियों ने
नाराजगी जताई है क्योंकि केंद्र सरकार के फैसले से प्याज के निर्यात पर भारी असर
पड़ेगा। प्याज के निर्यात पर 40 फीसदी शुल्क लगाए जाने से किसानों पर भारी मार पड़ेगी।
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