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- बार-बार बागेश्वर की शरण में कांग्रेस नेता कमलनाथ की हाजरी खोई सत्ता पाना या नई राजनीति की बिसात..?
Posted by : achhiduniya
16 August 2023
मध्य प्रदेश में कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले है। बाबा
बागेश्वर धाम कई बार हिंदू राष्ट्र, सनातनी धर्म, देश में रहने वाले लोग सनातनी हैं जैसे बयान देते रहे हैं। इन बयानों के
कारण ही बाबा बागेश्वर को बीजेपी के हिंदुत्व से जोड़कर देखा जाता रहा है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह
चौहान के सरकारी योजनाओं का काट निकालने में लगी हैं और हिंदुत्व पर भी भारतीय
जनता पार्टी को बढ़त लेने का कोई मौका भी नहीं देना चाहती है। हाल ही में कांग्रेस
के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के
कार्यक्रम और कथा में कमलनाथ पहुंचते हैं। कथा के दौरान
कमलनाथ ने कहा भी कि वे
हनुमान भक्त हैं और उन्हें हिंदू होने का गर्व भी है। इस कथा के अगले दिन हिन्दू
राष्ट्र को लेकर पूछे गए एक सवाल पर कमलनाथ ने एक विवादित बयान दे दिया। कमलनाथ ने
कहा है कि भारत की 82 फ़ीसदी जनता हिंदू है तो ये कोई कहने कि
बात नहीं है, ये हिंदू राष्ट्र तो है ही। ऐसे में सवाल
उठता है कि कमलनाथ धीरे धीरे हार्ड हिंदुत्व का चेहरा क्यों बनते जा रहे हैं। क्या
इसके पीछे सिर्फ चुनाव जीतना ही कारण है या और बड़ी रणनीति भी है? मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस
दोनों ही पार्टियां हर तरीका अपना रही है।
एक तरफ जहां फिलहाल सत्ता में बैठी
बीजेपी दनादन सरकारी योजनाओं की घोषणा कर जनता के दिलों में अपनी जगह बनाने में
लगी है,तो वहीं दूसरी तरफ उनके कथा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का परिवार
सहित पहुंचना और बागेश्वर का पूर्व सीएम का तारीफ करना, एक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि कमलनाथ के कथा में जाने और
हिंदुत्व को लेकर इतने बड़े बयान एक और चर्चा ने जोर पकड़ ली है और वह यह है कि
क्या कमलनाथ कांग्रेस की सेक्युलर राजनीति छोड़ धर्म की राजनीति कर रहे हैं।
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