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- सिर में भारीपन, धुंधली दृष्टि, चक्कर आना,मतली जैसे लक्षण कहीं गंभीर बीमारी तो नहीं....
करने का कारण हो सकती है। इससे धुंधली नजर, लाइट के प्रति संवेदनशीलता, कंपकंपी, आंखों की लाली और आंखों से पानी आना जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। ये समस्याएं जेनेटिक या फिर लाइफस्टाइल के कारण हो सकती हैं। सामान्य नजर संबंधी गड़बड़ी मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया हैं। नजर संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। लो बीपी के कारण हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। आमतौर पर 90/60 mmHg से कम माप आने पर बीपी को लो मान जाता है। ब्रेन में ऑक्सीजन कम पहुंचने के कारण सिर में भारीपन, धुंधली दृष्टि, चक्कर आना और मतली जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं।
बीपी में गिरावट अचानक स्थिति बदलने, हार्मोनल परिवर्तन, एनीमिया या संक्रमण के कारण हो सकता है। लो बीपी के मामले में पैरों को ऊंचा करके लेटने से आराम मिल सकता है। हालांकि, बहुत कम बीपी के लिए तत्काल इलाज की जरूरत होती है। ब्लड में शुगर लेवल कम होने की स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। इसके कारण चक्कर आना, मतली, उनींदापन, धुंधली दृष्टि, ठंडा पसीना और भारी सिर जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। यह परेशानी लंबे समय तक उपवास, तेज फिजिकल एक्टिविटी, अत्यधिक शराब पीने, डॉक्टर की सलाह के बिना डायबिटीज की दवाओं की खुराक बढ़ाने, एलोवेरा जैसे कुछ औषधीय पौधों का उपयोग करने के बाद सामने आ सकते हैं।हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण दिखाई देने पर चीनी का सेवन करना चाहिए। एक चम्मच शहद, एक जूस या एक कप पानी में एक चम्मच चीनी घोल कर पीना चाहिए। अगर आप में भी सिर में भारीपन के साथ अन्य लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। स्थिति की सही जांच के लिए डॉक्टर सीटी स्कैन, एमआरआई या ब्लड वर्क जैसे जांच करवाने को कह सकते हैं।
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