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- एडल्ट्री व्यभिचार [शादी के बाद संबंध] छूट के बाद फिर पाबंदी पर छिड़ी कोर्ट में बहस
Posted by : achhiduniya
23 November 2023
बीते साल 2018
से पहले भारत में भी
एडल्ट्री या एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को अपराध के तौर पर देखा जाता था। आईपीसी के
धारा 497
के तहत शादी में रहते
हुए गैर स्त्री से संबंध बनाने पर 5 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान था। हालांकि इस कानून की खास बात ये
थी कि महिला के खिलाफ न तो कोई केस दर्ज किया जाता था और न ही उसे किसी तरह की कोई
सजा मिलती थी। आईपीसी के धारा 497 के तहत पति, पत्नी से संबंध बनाने वाले पुरुष के खिलाफ केस दर्ज करा सकता था, लेकिन वह पत्नी के खिलाफ कोई
कार्रवाई नहीं
करा पाता था। साल 2018 में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने इस
सेक्शन को असंवैधानिक करार दिया और इसे हटाने का फैसला सुनाया। इसके बाद से अब तक
भारत में एडल्ट्री यानी शादीशुदा महिला के साथ संबंध अपराध की श्रेणी में नहीं है।
साल 2018 में ही तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने
एडल्ट्री कानून को असंवैधानिक करार देते हुए कहा था,एडल्ट्री को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा
सकता है और इसे जुर्म होना भी नहीं चाहिए।
इस फैसले को जोसेफ शाइनी की जनहित
याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने सुनाया था। जस्टिस मिश्रा
ने आईपीसी की धारा 497 को मनमाना और अप्रासंगिक घोषित करते हुए अपने बयान में कहा कि अब यह कहने
का समय आ चुका है कि शादी में पति, पत्नी का मालिक नहीं होता है। स्त्री या पुरुष में से किसी भी एक की दूसरे
पर क़ानूनी सम्प्रभुता सिरे से ग़लत है। संविधान पीठ ने अपने बयान में ये भी जोड़ा
कि व्यभिचार आज भी तलाक का एक मजबूत आधार है, पर आपराधिक जुर्म नहीं है। अब फिर से भारत में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर (शादी के बाद
संबंध) चर्चा में है।
दरअसल, हाल ही में केंद्र सरकार से एक संसदीय कमेटी ने सिफारिश करते हुए कहा,शादीशुदा आदमी या औरत अगर किसी दूसरे से
शारीरिक संबंध बनाते हैं तो वो अपराध के दायरे में आना चाहिए क्योंकि शादी एक बहुत
ही पवित्र परंपरा है और इसे बचाया जाना चाहिए। खास बात ये है कि ये वहीं संसदीय
कमिटी है जिसे सरकार ने आईपीसी विधेयक में बदलावों को लेकर सुझाव देने के लिए
बनाया था। अब इस सुझाव के बाद केंद्र सरकार एक बार फिर एडल्ट्री यानी शादीशुदा
महिला का गैर मर्दों के साथ संबंध को अपराध की श्रेणी में शामिल करने पर विचार कर
रही है और आने वाले समय में इसे लेकर बिल भी पेश किया जा सकता है।
ऐसे में सवाल
उठता है कि कमिटी की तरफ से इस तरह के सुझाव किस बुनियाद पर दिए जा रहे हैं और
सरकार का इस पर विचार करने का फैसला कितना सही होगा। यह टर्म उन लोगों के लिए
इस्तेमाल किया जाता है, जो शादीशुदा तो होते हैं लेकिन एक रिश्ते में रहते हुए अपने पार्टनर के
अलावा दूसरों के साथ भी संबंध रखते हैं। हालांकि एक्सपर्ट की मानें तो एक्स्ट्रा
मैरिटल अफेयर का मतलब केवल शारीरिक संबंध बनाना ही नहीं है। कोई भी व्यक्ति एक
शादीशुदा रिश्ते में रहते हुए अपने पार्टनर के अलावा किसी और के साथ इमोशनल रिश्ता
या अफेयर भी रखता है तो उसे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में ही गिना जाता है।
भारत के
पड़ोसी देश चीन में एडल्ट्री क्राइम नहीं है, लेकिन इसे तलाक का एक कारण बताया जा सकता है
यानी अगर कोई महिला शादी के बाद दूसरे मर्द से संबंध रखती है तो पति इस आधार पर
तलाक ले सकता है। चीन के अलावा साउथ कोरिया ने भी कुछ साल पहले ही एडल्ट्री को
अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया। यहां
पहले इसके लिए तीन साल तक की जेल का प्रावधान था। ऑस्ट्रेलिया और बाकी तमाम
यूरोपियन देशों में भी शादी के बाहर संबंध रखना गैरकानूनी नहीं है।





