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- आपके ज्यादा लाड़-प्यार से रुकता है बच्चे का मानसिक व दिमागी विकास....मनोवैज्ञानिक
Posted by : achhiduniya
26 May 2024
अधिकतर मां बाप
बच्चों के सारे काम खुद करने लगते हैं, जैसे उसे
अपने हाथ से खाना खिलाना, उसके
फीते बांधना, उसकी
अलमारी साफ करना आदि. यहां तक खाना पानी भी लेकर देना मां बाप बच्चे को नहीं करने
देते। इससे बच्चे की क्षमता पर असर पड़ता
है और बच्चा जिम्मेदार नहीं बन पाता। इस तरह बच्चा बड़ा होकर भी अपने काम खुद नहीं
कर पाता और उसमें आत्मविश्वास की कमी हो जाती है। इसे परवरिश की ट्रेनिंग के तौर
पर देखना चाहिए। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि भारतीय मां बाप ज्यादा लाड़ प्यार के
चक्कर में अपने
बच्चों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस दुलार के चक्कर में बच्चे सक्षम
नहीं हो पा रहे हैं जो आगे जाकर उनको नुकसान करेगा। मनोवैज्ञानिको का कहना है कि विदेशों की तुलना में इंडियन पेरेंट्स अपने
बच्चों को आत्मनिर्भर बनने में रुकावट बन जाते हैं। मां बाप लाड़ के चक्कर में
बढ़ते बच्चों का हर काम खुद करते है जिससे बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की ट्रेनिंग
नहीं मिल पाती है। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि बच्चों को सक्षम बनाने के लिए मां बाप
को उसे अपने काम खुद करने सिखाने चाहिए।
अपने जूते पहनना, खुद लेकर पानी पीना, खुद खाना खाना, अपना
कमरा और अलमारी साफ करना, ये सब
काम धीरे धीरे बच्चे को खुद करने चाहिए। आठ साल का एक बच्चा ये सब काम करना सीखे
ताकि उसे जिम्मेदारी का अहसास हो और वो कॉन्फिडेंट बने। एक्सपर्ट कहते हैं कि बच्चे
के काम करने की बजाय उसे अपने काम करना सिखाएं, इससे उसकी लाइफस्टाइल की स्किल्स डेवलप होंगी। उसे कपड़े
पहनाने का बजाय, कपड़े
पहनना सिखाएं। इससे बच्चा जिंदगी में सर्वाइव करना सीखेगा और उसका भविष्य बेहतर
होगा।


