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- अगर लगा यूपीआई ट्रांजेक्शन चार्ज तो 75% लोग इस्तेमाल कर देंगे बंद….सर्वे
Posted by : achhiduniya
22 September 2024
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में पिछले वित्त
वर्ष के मुकाबले यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या में 57 फीसदी और लेनदेन की
रकम में 44 फीसदी उछाल आई है।
पहली बार यूपीआई ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 131 अरब को पार कर गया है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा 84 अरब रहा था। मूल्य
के हिसाब से देखें तो पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 199.89 ट्रिलियन रुपये पर
पहुंच गया है, जो कि वित्त वर्ष 2022-23 में 139.1 ट्रिलियन रुपये था। लोकल
सर्कल्स की रिपोर्ट
के आधार
पर बिजनेस स्टैंडर्ड ने रविवार को दावा किया है कि लोगों को यूपीआई ट्रांजेक्शन पर
किसी भी तरह की फीस बर्दाश्त नहीं है। सर्वे से पता चला है कि करीब 37 फीसदी लोग अपने कुल
खर्च का 50 फीसदी यूपीआई के
जरिए खर्च कर रहे हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए अब क्रेडिट
कार्ड और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल भी कम
हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ 22 फीसदी लोग ही यूपीआई
ट्रांजेक्शन पर फीस चुकाने को तैयार हैं। मगर, 75 फीसदी से ज्यादा
इसके सख्त खिलाफ हैं। इस सर्वे में 308 जिलों के करीब 42 हजार लोगों से सवाल
किए गए थे।
यह सर्वे 15
जुलाई
से 20 सितंबर के बीच
ऑनलाइन किया गया था। सर्वे के मुताबिक, यूपीआई तेजी से हर 10 में से 4 यूजर्स की जिंदगी का
अभिन्न अंग बन गया है। वह किसी भी प्रकार की डायरेक्ट या इनडायरेक्ट फीस लगाए जाने
का कड़ा विरोध कर रहे हैं। लोकल सर्कल्स ने कहा है कि वह सर्वे के रिजल्ट को वित्त
मंत्रालय और रिजर्व बैंक ऑफ
इंडिया (RBI)
को
भी देगा।
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