- Back to Home »
- Discussion »
- खटाखट-खटाखट देने वाले लूजर लीडर बने राहुल गांधी,निराधार आरोप दमदार भाषण से जुटी भीड़ भी नहीं आई काम....
खटाखट-खटाखट देने वाले लूजर लीडर बने राहुल गांधी,निराधार आरोप दमदार भाषण से जुटी भीड़ भी नहीं आई काम....
Posted by : achhiduniya
23 November 2024
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड़ के सांसद राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि अगर
बीजेपी जीतती है तो वह संविधान को खत्म कर देगी और एससी-एसटी का आरक्षण खत्म कर
देगी। कांग्रेस नेता ने कहा था कि बीजेपी लोक सभा में 400 सीटें इसलिए जीतना चाहती है कि वो संविधान में
संशोधन कर आरक्षण खत्म कर सके। राहुल के इस नैरेटिव का कांग्रेस को लोकसभा चुनाव
में फायदा भी हुआ था। वह 99 सीटें जीतने में कामयाब रही,लेकिन हरियाणा,
महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में उनका यह
नैरेटिव काम नहीं कर पाया। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के ही हथियार से उस पर हमला कर
दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि राहुल गांधी ने संविधान
के नाम पर लाल रंग की कोरे पन्नों वाली किताब बंटवा कर संविधान का अपमान किया। वहीं
अमित शाह ने आरोप लगाया कि गैर बीजेपी सरकार बनने पर कांग्रेस पिछड़ों और दलितों
का आरक्षण अल्पसंख्यकों में बांट देगे। महाराष्ट्र में कांग्रेस का यह हाल
तब है जब उसने
अभी कुछ महीने पहले ही लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था,लेकिन पार्टी उस
प्रदर्शन को कायम नहीं रख पाई। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में जमकर पसीना बहाया था,
लेकिन परिणाम उनके उम्मीद के मुताबिक नहीं
आए।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में नंदुरबार,
धामनगांव रेलवे, नागपुर ईस्ट, गोंदिया, चिमूर, नांदेड़ नॉर्थ और बांद्रा ईस्ट सीट पर चुनावी रैलियां
की थीं। इन चुनावी रैलियों में भीड़ भी काफी जुटी थी,
लेकिन ये भीड़ वोट में नहीं
बदल पाई। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में जिन सात विधानसभा सीटों पर चुनावी
रैलियां की थीं, उनमें
से केवल एक पर महाविकास अघाड़ी के प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं। महाराष्ट्र में
कांग्रेस का यह हाल तब है जह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने महाराष्ट्र के
बहुत से इलाकों का दौरा किया था। राहुल गांधी ने राजनीति में 20
साल का करियर पूरा कर लिया है,लेकिन उनके
नेतृत्व में कांग्रेस अभी तक कोई भी चुनाव नहीं जीत पाई है। राहुल 2004
में सक्रिय राजनीति में आए थे। उसके बाद 2014
तक कांग्रेस सत्ता में रही,लेकिन उस समय
कांग्रेस का नेतृत्व उनकी मां सोनिया गांधी कर रही थीं,लेकिन उसके बाद राहुल गांधी
पर कांग्रेस की निर्भरता बढ़ती गई। लेकिन
कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। एक-दो राज्यों के चुनाव को छोड़ दें तो
कांग्रेस राहुल के नेतृत्व में कोई कमाल नहीं कर पाई। महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों से एक बार फिर यह
साबित हुआ है कि राहुल गांधी कांग्रेस के लिए अभी भी बहुत संभावनावान नेता नहीं
हैं। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के चुनाव में महायुति की सरकार पर भ्रष्टाचार में
शामिल होने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र में उन्होंने बीजेपी नेता विनोद तावड़े पर
चुनाव प्रचार के दौरान रुपये बांटने का आरोप लगाया,लेकिन उन्होंने इसका कोई सबूत
नहीं दिया। इसके बाद तावड़े ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
पर 100 करोड़ की मानहानी का
मामला दर्ज कराया है।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)