- Back to Home »
- Tours / Travels »
- कितने किलोमीटर तक कितना टोल वसुले गए पैसे का क्या होता है?
Posted by : achhiduniya
27 February 2025
टोल टैक्स का संचालन और नियंत्रण सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन
होता है। इसकी जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपी गई है। NHAI राष्ट्रीय राजमार्ग
अधिनियम, 1956 और शुल्क नियम, 2008 के तहत टोल प्लाजा स्थापित
करता है और शुल्क वसूलता है। कई मामलों में निजी कंपनियों को PPP मॉडल के तहत टोल
संचालन का ठेका दिया जाता है,लेकिन उनकी निगरानी NHAI और मंत्रालय करते हैं। टोल से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा बैंकों से लिए
गए कर्ज की वापसी
में जाता है, क्योंकि ज्यादातर हाईवे परियोजनाएं लोन लेकर बनाई जाती है। प्राइवेट कार के
लिए टोल 1.50 से 2 रुपये प्रति
किलोमीटर होता है। भारत में टोल टैक्स की वसूली पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी
है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल टोल संग्रह 64,809.86 करोड़ रुपये रहा था। देश में करीब 1,200 टोल प्लाजा हैं, ज्यादातर NHAI के अधीन हैं। टोल की राशि सड़क निर्माण, रखरखाव और कर्ज चुकाने में खर्च होती है। PPP मॉडल के तहत निजी कंपनियां टोल संचालन करती हैं,
लेकिन NHAI उनकी निगरानी करता है।
भारत में टोल टैक्स
की वसूली पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल टोल संग्रह 64,809.86 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 35% अधिक है। 2019-20 में यह आंकड़ा 27,503 करोड़ रुपये था। दिसंबर 2024 में लोकसभा में गडकरी ने बताया था कि 2000 से अब तक पब्लिक-प्राइवेट
पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 1.44 लाख करोड़ रुपये टोल के रूप में वसूले गए
हैं। टोल की दरें वाहन के प्रकार और दूरी पर निर्भर करती हैं। एक प्राइवेट कार के लिए औसतन 1.50 से 2 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लिया जाता है, जबकि ट्रक और बसों के लिए यह दर 5 से 7 रुपये प्रति किलोमीटर तक हो सकती है।
देश में करीब 1,200 टोल प्लाजा हैं, जिनमें से ज्यादातर NHAI के अधीन हैं। 2023-24 में NHAI ने अकेले 54,000 करोड़ रुपये से अधिक टोल वसूला। यह राशि सड़क निर्माण, रखरखाव और कर्ज चुकाने में खर्च होती है।