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- “उद्धव-राज” हम साथ साथ लेकिन गठबंधन की नहीं कोई आस
Posted by : achhiduniya
07 July 2025
त्रिभाषा को लेकर खास करके हिन्दी के
विरोध में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर साथ नजर आए। यह ऐतिहासिक
मिलन शनिवार को वर्ली में आयोजित एक विजय रैली में हुआ, जो
बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा हिंदी भाषा संबंधी सरकारी आदेश (जीआर) को
वापस लिए जाने का जश्न मनाने के लिए आयोजित की गई थी। रैली को
संबोधित करते हुए, उद्धव
ठाकरे ने आगामी नगर निकाय चुनावों में मिलकर लड़ने का संकेत दिया। उन्होंने कहा,हम एकजुट रहने के लिए एक साथ आए हैं। हम एक साथ मिलकर
बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) और महाराष्ट्र
में सत्ता हासिल करेंगे। मुंबई के प्रतिष्ठित नगर निकाय को शिवसेना अपना गढ़ और
गृहक्षेत्र मानती है, और अन्य
नगर निकाय चुनाव आगामी महीनों में होने वाले हैं। उद्धव से
पहले रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने चुटकी ली और कहा कि मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस ने दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ लाकर वह काम कर दिया है जो
शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे और अन्य लोग नहीं कर सके। राज ठाकरे ने वर्ष 2005 में शिवसेना छोड़कर मनसे का गठन किया था। उन्होंने आरोप
लगाया कि बीजेपी की चाल फूट डालो और राज करो की है और आशंका जताई कि भाषा विवाद के बाद सरकार का अगला कदम
लोगों को जाति के आधार पर बांटना होगा। वहीं महाराष्ट्र
नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपने सभी पदाधिकारियों और प्रवक्ताओं
को सख्त निर्देश दिया है कि वे शिवसेना (ठाकरे गुट) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर
किसी भी तरह का सार्वजनिक बयान न दें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर कुछ
भी बोलने से पहले उनकी अनुमति लेना अनिवार्य होगा।