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- घरेलू सिलेंडर लाल क्यों,सिलेंडर के नीचे छेद क्यों....?
Posted by : achhiduniya
11 January 2026
भारत
में प्राय: ये सिलेंडर लाल, नीले और सफेद रंगों में आते हैं। इनकी
कीमत भी सब्सिडी और बाजार दरों के मुताबिक निर्धारित होती है। स्टील-लोहे के बने ये सिलेंडर लगभग 14.2
किग्रा के होते
हैं। सिलेंडर के सबसे निचले हिस्से पर जब आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि,
वहां पर
छोटे-छोटे छेद बने होते हैं। क्या आपको मालूम है कि, सिलेंडर के नीचे गोल छेद क्यों बने होते
हैं ? सबसे पहले तो हम आपको ये बता दें कि, घर के किचन में लगने वाले सिलेंडर के
अंदर लिक्विड पेट्रोलियम गैस यानी LPG भरी होती है। प्रोपेन और ब्यूटेन का
मिश्रण होने वाली ये गैस किचन में खाना पकाने में इस्तेमाल होती है। लाल रंग खतरे
का प्रतीक होता है और एलपीजी ज्वलशील होती है
जिससे लोगों को इसके खतरनाक होने का
संकेत मिलता है। दूसरा कारण ये है कि, लाल रंग तरंगदैर्ध्य ज्यादा होने के
कारण दूर से ही दिख जाता है इससे इसकी पहचान करना सरल हो जाता है। सिलेंडर के नीचे जो घेरा बना होता है
उसमें कुछ छोटे-छोटे छेद बने होते हैं। सिलेंडर के नीचे ये छेद हवा के संचार और
नमी को रोकने के लिए बनाए जाते हैं। इसकी कुछ और भी वजहें होती हैं। जैसे सिलेंडर
से लगने वाली जंग से बचाव, दरअसल जब सिलेंडर फर्श पर रखा होता है
तब जंग से उसके निशान फर्श पर आ जाते हैं और वहां नमी इकट्ठा होती है। इन छेदों से
वायु प्रवाह के कारण नमी को सूखने में काफी मदद मिलती है। सिलेंडर के छेद हवा के
प्रवाह बनाए रखते हैं जिससे तापमान नियंत्रित रहता है और गर्मी में दबाव बढ़ने से
भी बचाता है।
जंग लगने के कारण सिलेंडर कई बार कमजोर भी हो जाते हैं ऐसे में
विस्फोट का खतरा भी बढ़ जाता है ऐसे में ये छेद ही इस जोखिम को कम कर सकते हैं। जब कभी सिलेंडर को धोया जाता है तो सबसे नीचे बने छेद काफी कारगर
सिद्ध होते हैं। धुलाई के दौरान पानी कहीं भी रुकता नहीं है और इन्हीं छेदों के
सहारे बाहर निकल जाता है। हालांकि, ये छेद हमेशा गोल ही नहीं मिलते हैं।
अलग-अलग कंपनियां इन छेदों के डिजाइन में परिवर्तन करती रहती हैं।
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