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- क्या है वकील और डॉक्टर द्वारा पहनने वाले काले-सफेद कोट का राज...?
Posted by : achhiduniya
23 January 2026
यूं तो हर कंपनी [क्षेत्र] की अपनी एक पोशाख
निर्धारित होती है जिससे उस कंपनी के कर्मचारी होने के परिचय के साथ एक ड्रेस कोड़
होता है। वकीलों का काला कोट और डॉक्टरों का सफेद कोट उनके काम और जिम्मेदारियों की
पहचान हैं। काले कोट में वकील न्याय, निष्पक्षता और गंभीरता
का मैसेज देते हैं। वहीं, सफेद कोट डॉक्टर
प्योरिटी, ट्रस्ट और प्रोफेशनल डिसिप्लन का सिंबल बनता
है। इन कलर से उनका प्रोफेशन साफ दिखता है और लोगों के मन में भरोसा और सम्मान
पैदा होता है। वकील का काला कोट सिर्फ एक अटायर नहीं है, बल्कि उनके प्रोफेशन की
गंभीरता और ताकत का प्रतीक है। काले रंग को हमेशा सम्मान, अधिकार और गंभीरता से
जोड़ा गया है। इतिहास में देखें तो 17वीं सदी में ब्रिटेन
में जब राजा बदलते थे और शाही बदलाव होते थे, तब न्यायाधीश और वकील
शोक जताने के लिए काले कपड़े पहनते थे। धीरे-धीरे ये उनकी ट्रेडिशनल यूनिफॉर्म बन
गई। काले कोट से वकील अपने काम की गंभीरता को दिखाते हैं और कोर्ट में पेशेवर और
ताकतवर इमेज बनाते हैं। इसके साथ ही ब्लैक कलर में दाग-धब्बा कम दिखता है,
जिससे
वकील हमेशा परफेक्ट और प्रोफेशनल नजर आते हैं। सफेद रंग को हमेशा साफ-सफाई,
स्वच्छता
और भरोसे का प्रतीक माना जाता रहा है।
19वीं सदी के बीच में
मेडिकल साइंस में तेजी से बदलाव आने लगे और अस्पतालों में साफ-सफाई पर जोर दिया
जाने लगा। इस समय डॉक्टरों ने सफेद कोट पहनना शुरू किया। सफेद रंग पर दाग जल्दी
नजर आता है, जिससे डॉक्टरों में स्वच्छता और सफाई को लेकर
अवेयरनेस बनी रहती है। मरीज जब सफेद कोट पहने डॉक्टर को देखते हैं,
तो
उन्हें भरोसा होता है कि उन्हें सही और सुरक्षित इलाज मिलेगा। सफेद कोट डॉक्टर को
प्रोफेशनल और भरोसेमंद बनाता है और मरीजों को मेंटल पीस भी देता है।


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