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- पनीर असली खिला रहे है या नकली देना होगा जवाब महाराष्ट्र सरकार का आदेश लागू…
Posted by : achhiduniya
26 March 2026
महाराष्ट्र सभी होटल और रेस्टेरेंट
को मेन्यू कार्ड में स्पष्ट लिखना होगा कि वे पनीर या चीज एनालॉग क्या बेच रहे
हैं। ग्राहकों को यह जानने का पूरा अधिकार होगा कि वे क्या खा रहे हैं। चीज एनालॉग
पर
कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन उसकी जानकारी
देना अनिवार्य कर दिया गया है। महाराष्ट्र में
खाने-पीने से जुड़ा एक बड़ा और आम जनता के हित का फैसला सामने आया है। अब राज्य
में होटल, रेस्टेरेंट और सड़क किनारे खाने-पीने के स्टॉल
लगाने वाले सभी विक्रेताओं (हॉकर्स) के लिए अपने मेन्यू में साफ-साफ बताना
अनिवार्य कर दिया गया है कि वे असली पनीर परोस रहे हैं या एनालॉग पनीर। यह मुद्दा
महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी विधायक विक्रम पाचपुते ने उठाया था। उन्होंने कहा
कि कई जगह ग्राहकों को पनीर के नाम पर सस्ता चीज एनालॉग परोसा जा रहा है,
जिससे
लोगों के
साथ धोखा होता है। अगर कोई होटल या विक्रेता मेन्यू में सही जानकारी नहीं देता तो फूड
डिपार्टमेंट (एफडीए ) की जांच में पकड़े जाने पर लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।
कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब ग्राहक जागरूक होकर
ऑर्डर कर सकेंगे। सस्ते विकल्प को महंगे पनीर के नाम पर बेचने की धोखाधड़ी रुकेगी।
खाने की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी। इस तरह का आदेश लागू करने वाला महाराष्ट्र
देश का पहला राज्य बन गया है, जो फूड ट्रांसपेरेंसी
की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
असली पनीर दूध से तैयार
होता है जबकि एनालॉग पनीर को वनस्पति तेल, दूध पाउडर,
सोयाबीन,
नारियल
तेल जैसी प्लांट-बेस्ड सामग्री से तैयार किया जाता है। एनालॉग पनीर सस्ता मिलता है
लेकिन खाने वालों के लिए नुकसानदायक होता है। असली पनीर मुलायम होती है और मुंह
में रखते ही घुल जाता है लेकिन एनालॉग पनीर गलता नहीं है और खाने के दौरान इसे
चबाना पड़ता है। असली पनीर प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। लेकिन एनालॉग पनीर देखने
में असली पनीर पनीर जैसा दिखता है लेकिन यह नुकसानदायक होता है। बहुत से दुकानदार
असली पनीर की जगह एनालॉग पनीर बेचते हैं, जोकि देखने में पनीर
जैसा ही दिखता है।


