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पहले हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र कहने पर लोग हंसने थे,राम राज्य केवल राजा के कारण नहीं होता बल्कि... संघ प्रमुख मोहन भागवत
Posted by : achhiduniya
27 April 2026
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ की 100 साल की यात्रा कैसे चली?
संघ के पास था तो कुछ नहीं।
ना प्रसिद्धि थी, ना सत्ता थी, ना प्रचार था,
ना साधन थे,
ना धन था। डॉक्टर हेडगेवार
को अनुयाई मिले उनकी आयु क्या थी? उनका अनुभव क्या था?
परंतु एक श्रद्धा और
विश्वास ले चले- हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है। लोग हंसते थे, वो प्रारंभ के दिन की बात
है नहीं। राम मंदिर बनने तक हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है कहने पर हंसने वाले लोग
थे। आज हंसने वाले लोग ही कह रहे हैं कि हिंदुस्तान हिंदुओं का देश है। हमको कहते
हैं कि आप घोषित करो। हम कहते हैं घोषित करवाने की जरूरत नहीं,
जो है वो है। सूरज पूरब से
उगता है। ये घोषित करना चाहिए क्या? वह पूरब से ही उगता है। वह
जहां से उगता है उसको हम पूरब कहते हैं। तो भारत हिंदू राष्ट्र है। आज सबको मान्य
है। लेकिन उस समय क्या था? उस
समय सब लोग खिल्ली
उड़ाते थे। मोहन भागवत ने कहा कि राम राज्य केवल राजा के कारण नहीं
होता। प्रजा के कारण भी होता है। श्री राम के गुणों का वर्णन जैसे रामायण में है,
राम राज्य के अधर के नाते
वैसे राम राज्य की प्रजा कैसी थी इसका भी वर्णन है। तो मंदिर निर्माण अयोध्या में जो
होना था हो गया। राम राज्य में ही राम राज्य की प्रजा के आचरण का जो वर्णन है ऐसा
आचरण मेरा बने। मेरे परिवार का बने और हमारे कारण अपने समाज में उस आचरण का प्रचार
प्रसार हो।
प्रत्यक्ष आचरण शुरू हो। हम जहां हैं जिस संस्था में है,
संगठन में है,
व्यक्तिगत कुछ अपना प्रभाव
है, जितना प्रभाव है, अपनी जो कुछ शक्ति है, वह लगाकर इसको करते रहना
छोटे बड़े दायरे में। यह हम करेंगे तो भगवान की इच्छा तो है ही कि दुनिया को धर्म
देने वाला भारत खड़ा होना चाहिए। कितनी जल्दी होगा यह हमको तय करना है। हम सब लोग
लगेंगे तो विश्व में फैले प्रचंड हिंदू समाज की इतनी शक्ति है कि अगर सोच कर शुरू
करेगा तो एक दिन में कर देगा। मोहन भागवत ने कहा कि विश्व
की आज जो आवश्यकता है, वह होना है, वो भारत के द्वारा ही होगा
और भारत का उत्थान भारत की संतान ही करेगी और कोई देश भारत का उद्धार नहीं करेगा।
भारत बड़ा होकर सारी दुनिया का उद्धार करेगा। ये विधि लिखित है। उसको पूर्ण करने
में हमारा हाथ लगे तो जल्दी से जल्दी कम से कम नुकसान में हो जाएगा। इतना विचार हम
सब लोग आज के निमित्त करें।


