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1.4 करोड़ जुर्माने के साथ 9 पुलिसकर्मीयों को कोर्ट ने मृत्युदंड की सजा सुनाई….
तमिलनाडु के मदुरै दरअसल,2020
के एक मामले में कोर्ट ने 9
पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई
है। इसके अलावा सभी पर संयुक्त रूप से 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दरअसल,
जून 2020 में लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने पिता-पुत्र को देर
तक दुकान खोले रखने पर हिरासत में लिया था। इस दौरान दोनों के साथ बेरहमी से
मारपीट की गई, जिससे
पिता-पुत्र की मौत हो गई। इस मामले में 9 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए, जिसके बाद कोर्ट ने सभी को मृत्युदंड की सजा
सुनाई है। दरअसल, मदुरै की एक कोर्ट ने सोमवार को 9
पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। इन
सभी पुलिसकर्मियों को तूतीकोरिन के सथानकुलम में हिरासत के दौरान क्रूर यातना देकर
एक पिता-पुत्र की हत्या करने के जुर्म में दोषी पाया गया था। प्रथम अतिरिक्त जिला
एवं सत्र न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन
ने इसे दुर्लभतम मामला बताया। उन्होंने सजा
सुनाते हुए कहा कि जनता की रक्षा का जिम्मा संभालने वालों ने ऐसा अपराध किया है,
जिसने समाज की सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर
दिया है। कोर्ट ने पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स की हत्या के लिए दोषी ठहराए
गए सभी 9 पुलिस
अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी दोषियों पर 1.40
करोड़ रुपये का संयुक्त जुर्माना भी लगाया
गया, जो पीड़ितों के
परिवार को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। यह घटना जून 2020 की है, जब देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर
लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। इसी दौरान जयराज और बेनिक्स को निर्धारित समय से अधिक
समय तक मोबाइल फोन की दुकान खुली रखने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था।
हिरासत में उनके साथ भीषण मारपीट की गई, जिसके परिणामस्वरूप कुछ दिनों के बाद अस्पताल में
उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना को लेकर भारी जनाक्रोश भी देखने को मिला था। इसके बाद
मद्रास हाई कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। मामले की जांच केंद्रीय
अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने की।
अस्पताल से 12 लाख रुपये कीमत के 323 इंजेक्शन स्टॉक से गायब…
राजस्थान के
झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ स्थित जिला अस्पताल में महंगे ह्यूमन एल्ब्यूमिन इंजेक्शन
के गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच समिति की रिपोर्ट ने अस्पताल
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार,
करीब 12 लाख रुपये कीमत के 323 इंजेक्शन स्टॉक से गायब पाए गए हैं,
जिससे चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया
है। जानकारी के मुताबिक,
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच अस्पताल में कुल 894 ह्यूमन एल्ब्यूमिन इंजेक्शन की सप्लाई हुई थी।
इनमें से 493 इंजेक्शन
मरीजों के इलाज में उपयोग किए गए, जबकि स्टॉक में केवल 78 इंजेक्शन ही मौजूद मिले। इस हिसाब से 323
इंजेक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला,
जिन्हें अब गायब मानते हुए जांच आगे बढ़ाई
जा रही है। जांच में सामने आया है कि अस्पताल की स्टॉक
मॉनिटरिंग प्रणाली बेहद लापरवाह और कमजोर रही, जिसकी वजह से इतनी बड़ी गड़बड़ी लंबे समय तक पकड़ में नहीं आई।
प्राथमिक जांच में अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई जा
रही है, जिससे
मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, ये सब पूरी जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। गौरतलब
है कि हाल ही में अस्पताल परिसर में एक संदिग्ध महिला के पास से 8
ह्यूमन एल्ब्यूमिन इंजेक्शन बरामद किए गए
थे। इसी घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया और प्रशासन ने जांच समिति का गठन किया।
जांच रिपोर्ट आने के बाद अब पूरे प्रकरण ने बड़ा रूप ले लिया है। अस्पताल के पीएमओ
डॉ. महेंद्र सबलानिया ने कहा कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और दोषियों
के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अब अस्पताल में अन्य दवाओं के स्टॉक की भी गहन
जांच शुरू कर दी गई है, ताकि किसी और गड़बड़ी का भी खुलासा हो सके।



