Showing posts with label Property / Investment. Show all posts
पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स में कटौती….
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (जेट
फ्यूल) के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स में कटौती कर दी है।
ये बदलाव 1 जून से लागू होगा। हालांकि,
घरेलू
खपत वाले ईंधन पर टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय
की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, पेट्रोल के एक्सपोर्ट
पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) को 3
रुपये
प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर
दिया गया है। इसी तरह, डीजल के एक्सपोर्ट पर
लगाए जाने वाले टैक्स को 16.5 रुपये प्रति
लीटर से
घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर
दिया गया है। पेट्रोल और डीजल के
अलावा, सरकार ने हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले
फ्यूल एटीएफ पर लगने वाले टैक्स को 16 रुपये प्रति लीटर से
घटाकर 9.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। टैक्स की ये नई
दरें 1 जून से लागू होंगी। मंत्रालय ने ये भी स्पष्ट
किया है कि पेट्रोल और डीजल के घरेलू इस्तेमाल पर लागू सड़क एवं अवसंरचना उपकर
शून्य रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने हाल के महीनों में
जरूरत के हिसाब से अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स) व्यवस्था में कई
बार बदलाव किया है। ये कदम कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और भू-राजनीतिक
परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर किया गया है।
अर्थव्यवस्था को बूस्टर,आरबीआई देगा सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड
आरबीआई के अनुसार, 2025-26 में उसका नेट इनकम
बढ़कर करीब ₹3.96 लाख करोड़ पहुंच गया,
जबकि
पिछले साल यह ₹3.13 लाख करोड़ था। इसके
अलावा केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट भी 20% से ज्यादा बढ़कर लगभग ₹92
लाख
करोड़ तक पहुंच गई है। यह दिखाता है कि RBI की वित्तीय स्थिति काफी
मजबूत हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2025-26
के
लिए रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड
देने का ऐलान किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा सरप्लस ट्रांसफर माना जा रहा है। इस
फैसले से सरकार को ऐसे समय में बड़ी आर्थिक ताकत मिलेगी, जब दुनिया भर में
भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है।
आरबीआई का यह फैसला गवर्नर
संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में लिया गया।
आरबीआई ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार को ₹2.69
लाख
करोड़ का डिविडेंड दिया था। उससे पहले 2023-24 में यह आंकड़ा ₹2.1
लाख
करोड़ था। इस बार डिविडेंड में बड़ी बढ़ोतरी ने सरकार की वित्तीय स्थिति को और
मजबूत कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रकम का इस्तेमाल सरकार
इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक योजनाओं और
आर्थिक विकास परियोजनाओं में कर सकती है।
सरकार को मिलने वाला यह
बड़ा डिविडेंड देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। इससे सरकार
पर कर्ज का दबाव कम हो सकता है और विकास कार्यों में खर्च बढ़ाया जा सकता है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि इससे वित्तीय घाटा कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती
है। साथ ही सरकार को टैक्स बढ़ाए बिना खर्च करने की एक्स्ट्रा ताकत मिलेगी।
ससुराल के माल पर लगेगी कस्टम ड्यूटी...
बालेन सीमा पर
मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी बहन-बेटियों
की शादी सीमा पार हुई है। ऐसे में
शगुन के सामान या तोहफों पर कस्टम की कड़ी नजर होना न केवल आर्थिक बोझ है,बल्कि यह उनके पारिवारिक सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहा है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अब अपनों से
मिलने जाने के लिए भी सरकार को टैक्स देना होगा? इस कड़े फैसले का सबसे ज्यादा असर बिहार के रक्सौल बाजार पर पड़ा है। रक्सौल का व्यापार
पूरी तरह से नेपाली ग्राहकों पर निर्भर था। वहां के दुकानदारों के
मुताबिक,
उनका 90% कारोबार नेपाल से आने वाले
ग्राहकों से चलता था,लेकिन अब वहां सन्नाटा पसरा है। दूसरी ओर,
नेपाल के बीरगंज के
दुकानदारों की स्थिति भी कोई बहुत अच्छी नहीं है। उन्हें उम्मीद थी
कि भारतीय बाजार बंद होने से उनका धंधा चमकेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बालेन सरकार की
अतिक्रमण हटाओ मुहिम के तहत बीरगंज में हजारों दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया है,जिससे वहां का स्थानीय
बाजार खुद संकट में है। शादी-ब्याह के मौके पर जब भारतीय
पक्ष से लोग फल, मिठाई और कपड़े लेकर नेपाल
जाते हैं, तो उन्हें सीमा पर लंबी जांच और टैक्स की प्रक्रिया से
गुजरना पड़ता है।






