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UCC- लैंड जिहाद कानून लाने की तैयारी में PB-CM शुभेंदु अधिकारी सरकार
पश्चिम बंगाल-CM शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा को लेकर राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद
से उठाए गए कई कदमों का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने
कौशिकी अमावस्या पर तारापीठ में कांवड़ यात्रियों और भक्तों पर हेलीकॉप्टर से फूल
बरसाए थे। साथ ही,
उन्होंने कहा कि
पितृपक्ष के दौरान दुर्गा पूजा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी
और कहा कि केंद्रीय
गृह मंत्री अमित शाह ईडन गार्डन्स में होने वाले बड़े महालया कार्यक्रम में मुख्य
अतिथि होंगे, जहां VHP को भी बुलाया जाएगा। शुभेंदु अधिकारी ने आने वाले कई
कार्यक्रमों की जानकारी दी, जिसमें नवंबर में नेताजी इंडोर स्टेडियम
में 20,000 लोगों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ और 29
दिसंबर को 10
लाख लोगों द्वारा
सामूहिक गीता पाठ शामिल है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बताया कि उनकी सरकार ने अगले साल
गंगासागर मेले की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की सुविधाएं
होंगी। पश्चिम बंगाल
की भाजपा सरकार
समान नागरिक संहिता लागू करने के बाद लव जिहाद,
लैंड जिहाद
और धर्म परिवर्तन के
खिलाफ सख्त कानून लाएगी। मुख्यमंत्री
शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा और वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय
मांगा।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म
शताब्दी के मौके पर कोलकाता एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए,उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार
संविधान के अनुसार काम करेगी,लेकिन भारतीय संस्कृति,परंपरा और पूजा स्थलों पर हमलों को
बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा,यह सरकार यहां किसी भी देश-विरोधी गतिविधि
की अनुमति नहीं देगी।
शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में देश-विरोधी ताकतों
के खिलाफ राष्ट्रवादी
युवाओं के विरोध प्रदर्शन पर एक अखबार की रिपोर्ट का जिक्र किया
और दावा किया कि कुछ
लोग अभी भी वहां आजादी का नारा लगा रहे हैं। उन्होंने कहा,हमें उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग तब चुप
रहते हैं जब आतंकवादी पीड़ितों को चुनकर, उनके धर्म के आधार पर उन्हें नंगा करके
मार देते हैं, लेकिन जब IAF दुश्मन के इलाके में 100
km अंदर
आतंकी ढांचे को नष्ट
करती है तो वे जुलूस निकालते हैं। भगवा रंग का गलत इस्तेमाल या अनदेखी करने के खिलाफ चेतावनी देते हुए,
क्योंकि कई लोगों के
लिए इसका गहरा मतलब है। शुभेंदु
अधिकारी ने कहा,आप निश्चिंत रह सकते हैं कि सरकार संविधान के अनुसार काम करेगी,
लेकिन यह भारतीय
संस्कृति, सनातनी परंपराओं, मंदिरों और मठों, और हमारी विरासत पर किसी भी हमले की
इजाज़त नहीं देगी, जिसे आध्यात्मिक गुरु विवेकानंद और
महाप्रभु श्री चैतन्य ने बताया है। समान नागरिक संहिता के बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल समान
नागरिक संहिता लागू करने में उत्तराखंड और गुजरात की तरह काम करेगा। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा,हम समान नागरिक संहिता के बाद लव जिहाद,
लैंड जिहाद और धर्म
परिवर्तन के खिलाफ कड़े कानून लाएंगे। हमें छह महीने दीजिए। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लिए समान नागरिक संहिता (UCC)
के प्रारूप की जांच
के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में एक
हाई-लेवल कमेटी बनाई है।
ड्राइविंग लाइसेंस होंगे रद्द अगर टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालको ने मराठी भाषा परीक्षा पास न की...
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने सभी गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने की समय सीमा 15 अगस्त निर्धारित की थी। विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि लगभग 450 शिक्षकों को चालकों को कार्यात्मक मराठी सिखाने के लिए नियुक्त किया गया है और सरकार ने उन्हें भाषा सीखने के लिए 16 अगस्त तक का समय दिया है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालक कार्यात्मक (Functional) मराठी भाषा परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहते हैं, तो 16 अगस्त से उनके ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर
दिए जाएंगे। मोटर वाहन नियमों का हवाला देते हुए परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि
महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4, 22 और 85 के तहत चालकों को कार्यात्मक मराठी सीखने के लिए
समय दिया गया था। इस अवधि के बीत जाने के बाद बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने साफ किया कि यदि कोई वाहन चालक इस निर्धारित मराठी परीक्षा में असफल
साबित होता है, तो
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को उस चालक का लाइसेंस रद्द करने का पूरा अधिकार
दे दिया गया है। परिवहन मंत्री ने कहा कि उल्लंघनों के लिए पहले 500
रुपये का जुर्माना लगाया जाता था,
लेकिन संशोधित प्रावधानों के तहत अब मराठी
भाषा परीक्षा में असफल होने वालों का लाइसेंस रद्द करने की अनुमति दी गई है।
बाइक
टैक्सी संचालकों के लिए अधिवास प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने के सवाल का जवाब देते
हुए सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र में दोपहिया टैक्सी सेवा आधिकारिक रूप से एक
अगस्त से शुरू होगी। इस नई सेवा के साथ ही चालकों के सामाजिक कल्याण
का भी ध्यान रखा गया है। इसके तहत प्रत्येक बाइक टैक्सी पर प्रतिदिन 5
रुपये का कल्याण उपकर (Welfare
Cess) और प्रत्येक किराये
पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत
शुल्क वसूला जाएगा। इस राशि का उपयोग विशेष रूप से बाइक टैक्सी संचालकों के
कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा। अंत में मंत्री ने यह भी दोहराया कि
महाराष्ट्र सरकार पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का स्वागत करती है और राज्यभर में इनके व्यापक
उपयोग को लगातार बढ़ावा देती रहेगी।
महाराष्ट्र विवाह निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि छापना अनिवार्य
महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति
तटकरे ने विधानसभा में बीजेपी सदस्य अतुल भाटखालकर द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर
में कहा कि राज्य का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बाल विवाह की घटनाओं को 10
प्रतिशत से नीचे
लाना है। महाराष्ट्र में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार विवाह
निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि छापने के नियम पर विचार कर रही
है। मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर विवाह
निमंत्रण पत्रों पर वर-वधू दोनों की जन्मतिथि अंकित करने की उसकी व्यवस्था का
अध्ययन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास विभाग और विधि एवं
न्याय विभाग के साथ परामर्श करके
इस व्यवस्था को लागू करने की व्यवहार्यता पर
विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बाल विवाह दर 2019-21 के सर्वे के 21.9 प्रतिशत से घटकर 2023-24
में 19.6
प्रतिशत हो गई
है, जबकि
नवीनतम सर्वेक्षण में राष्ट्रीय औसत लगभग 20.1 प्रतिशत है। मंत्री ने बताया कि 2025-26
में अब तक 1,434
बाल विवाह रोके
गए हैं और 136 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25
में 1,495
बाल विवाह रोके
गए, जबकि
2023-24 में
1,253 मामले
रोके गए और 108 प्राथमिकी दर्ज हुईं। मंत्री ने कहा, "बाल विवाह रोकने के मामलों में वृद्धि
को बाल विवाह बढ़ने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह सरकारी तंत्र की बेहतर
पहचान, रिपोर्टिंग और हस्तक्षेप को दर्शाता है।" उन्होंने बताया कि बाल
विवाह में शामिल परिवार के सदस्यों के अलावा उन लोगों पर भी
कार्रवाई की जा रही है जो इस तरह के आयोजनों को जानबूझकर बढ़ावा देते हैं,
जिनमें पुजारी,
संगीतकार और
अन्य शामिल हैं। मंत्री ने सदन को बताया कि जिला स्तर पर कलेक्टरों की अध्यक्षता
में कार्यबल, ग्राम सुरक्षा समितियां तथा तालुका और ग्राम पंचायत स्तर की समितियां
सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि छह जिलों को विशेष तौर
पर ध्यान दिए जाने के लिए चिन्हित किया गया है, जहां प्रवासन एक प्रमुख कारण बनकर उभरा
है, विशेषकर
बीड और मराठवाड़ा क्षेत्र के अन्य जिलों में, जहां परिवार गन्ना कटाई के काम के लिए
पलायन करते हैं। उन्होंने कहा कि समस्या से निपटने के लिए प्रवासी श्रमिकों के बीच
लक्षित जागरूकता अभियान चलाने और बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रखने के लिए बाल
देखभाल केंद्रों एवं आवासीय सुविधाओं के विस्तार की योजना है।








