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- तोते भी होते.....अफीम के शौकीन.......
Posted by : achhiduniya
13 March 2015
तोते नशीली
चीजों
की
तरफ
ज्यादा
आकर्षित.......
अफीम के
फसलों
की
कटाई
के
बाद
उससे
विशेष
प्रकार
का
तरल
पदार्थ
निकलता
है।
जिसे
चूसने
के
लिए
बड़ी
संख्या
में
तोते
खेतों
में
आते
हैं
।किसानों
के
मुताबिक
तोते
इसे
चूसने
के
बाद
वे
पेड़ों
पर
बैठ
जाते
हैं
और
घंटों
वहां
सोए
रहते
हैं।
कई
पक्षियों
को
झुंड
में
चक्कर
लगाते
देखा
जाता
है
और
अत्यधिक
अफीम
का
सेवन
कर
लेने
के
कारण
वे
पेड़ों
से
गिर
भी
जाते
हैं।' कई
तोते
को
नीचे
मृत
भी
पाए
गए
हैं, कुछ
को
अन्य
पक्षी
मार
देते
हैं।
राजस्थान
के
चित्तौड़गढ़
जिले
में
अफीम
की
खेती
कर
रहे
किसानों
को
एक
खास
तरह
की
समस्या
का
सामना
करना
पड़
रहा
है।इलाके
में
और
भी
प्रजाति
के
पक्षी
हैं, लेकिन
लगता
है
कि
तोते
नशीली
चीजों
की
तरफ
ज्यादा
आकर्षित
होते
हैं।लोगों
को
हालांकि, इसकी
वजह
पता
नहीं
है।
किसान
इनसे
परेशान
हैं, क्योंकि
पक्षियों
की
इन
आदतों
से
उनका
लाभ
प्रभावित
हो
रहा
है।
इसके
अतिरिक्त
नार्कोटिक्स
विभाग
के
अधिकारी
उत्पादन
में
कमी
को
लेकर
उनकी
दलील
को
शक
की
निगाह
से
देखते
हैं।
उनको
दिए
गए
लाइसेंस
के
आधार
पर
अगर
उत्पादन
कम
हुआ
तो
भविष्य
में
किसानों
को
परमिट
नहीं
मिलेगा।
किसानों
का
कहना
है
कि
तोते
को
डराने
के
लिए
एहतियाती
कदम
उठाए
जाते
हैं, फिर
भी
उनकी
फसलों
का
पांच
से
सात
फीसदी
अंश
तोते
खा
जाते
हैं।
अफीम
की
खेती
राज्य
के
चित्तौड़गढ़, बारन, झालवार, उदयपुर
और
भीलवाड़ा
में
मार्च
में
होती
है। सुकवारा
गांव
के
एक
अन्य
किसान
ने
कहा, कि
इन
तोते
को
नियंत्रित
करना
मुश्किल
है।
उन्हें
भगाने
के
लिए
हमें
घंटों
खेतों
में
रहना
पड़ता
है।
कुछ
किसान
खेतों
को
ढकने
के
लिए
जाल
का
इस्तेमाल
करते
हैं, कुछ
टीन
बजाते
हैं, तो
कुछ
गुलेल
रखते
हैं।
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