- Back to Home »
- Knowledge / Science »
- सेरोगेसी मदर बनकर मोटी रकम कमाने का धंधा.......
Posted by : achhiduniya
26 July 2015
जबकि इस बात का पुरुष भी उतना ही दोषी होता था। क्योकि आज की जीवन शैली के चलते पुरुष के स्पर्म मे भी कमी देखी गई है। आज बच्चे को अपनी कोख से पैदा करके बेचने का धंधा फल-फूल रहा है।जिसे सेरोगेसी मदर नाम से जाना जाता है। जब किसी फीमेल में जन्मजात यूटेरस (गर्भाशय) नहीं हो या बच्चे को जन्म देने में कोई और दिक्कत हो तो ऐसी स्थिति में पति के स्पर्म्स लेकर आईवीएफ प्रोसेस की जाती है, इसे ही सेरोगेसी कहा जाता है। सेरोगेसी को लेकर बढ रही अवेयरनेस के पीछे इसके लिए मिलने वाली मोटी रकम है।
दरअसल सेरोगेट मदर बनने के बदले मिलने वाली रकम दोनों पार्टीज के आपसी करार पर डिपेंड है। डॉक्टरों के मुताबिक यह कीमत दो लाख, चार या पांच लाख से भी अधिक हो सकती हैं। सेरोगेसी में इंट्रेस्ट के पीछे यह भी एक कारण है। कईमहिलाए सेरोगेट मदर बनने की इच्छा जाहिर करती है। सेरोगेसी अपनाने वाली फीमेल्स को कितना पैसा मिलेगा, यह बच्चा चाहने वाले और सेरोगेट मदर बनने वाली महिला के बीच आपसी करार पर डिपेंड हैं। यह एक लाख से लेकर 5 लाख या इससे ज्यादा भी हो सकती है। इसके साथ ही पेरेंट्स को आईवीएफ तकनीक के खर्चे के साथ ही मेडिकल टेस्ट, दवाइयों, केयर और डिलीवरी तक का खर्चावहन करना होता है।
डॉक्टर्स बताते है कि कुछ साल पहले सेरोगेसी के एक आध मामले ही सामने आते थे। यदि कोईमहिला सेरोगेट मदर बन भी जाती थी तो नौ महीने बाद बच्चा परिजनों को सौंपने पर लोग आशंकाओं के साथ सवाल पूछते थे कि आपका बच्चा कहां गया। कुल मिलाकर सेरोगेट मदर बनने वाली महिलाओं को कई तरह के सोशल सवालों का सामना करना पडता था। कौन हो सकती हैसेरोगेट मदर:- इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईएमआर) के नॉर्म्सके मुताबिक फीमेल 35 साल से कम उम्र की नहीं होनी चाहिए।
शादीशुदा हो, एक बच्चे की मां हो, पति की सहमति हो, विडो या डिवोर्सीभी हो सकती है। लेकिन इस स्थिति में उसे अपने जरूरी डॉक्युमेंट लगाने होंगे। लेकिन आज कल इस धंधे मे कुवांरी लड़किया भी उतर चुकी है जो बिन बच्चे के माँ-बाप को अपना शिकार बनाकर मोटी रकम वसूल कर अपने शौक पूरे करके ऐशों आराम का जीवन जीने मे लगी है।





