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- चले प्रकर्ती की गोद मे..........
Posted by : achhiduniya
02 August 2015
यहां सवारी के लिए घोड़े, खच्चर, टट्टू, हाथ से खींचने वाले रिक्शे और पालकी उपलब्ध रहते हैं लेकिन आप पैदल घूम कर भी पूरे हिल स्टेशन का मजा ले सकते हैं। यह एक प्रदूषणरहित अपने आप में विशेष और बेहद खूबसूरत हिल-स्टेशन है। माथेरान में घूमते हुए सैलानियों को कुदरत से बेहद निकटता का एहसास होता है। माथेरान में चारों ओर छायादार घने पेड़ और हरियाली से लदी समतल पहाड़ियां भी हैं जहां सब तरफ लहरदार पैदल रास्ते मौजूद हैं।
माथेरान में जहां बादलों से घिरे पहाड़ और पहाड़ों से गिरते झरनों के खूबसूरत और आकर्षक नजारे बेहद मनमोहक लगते हैं वहीं पेड़ों के घने आवरण से बीच में पहाड़ी के नीचे की घाटियां, तीव्र ढलानों, पठारों और मैदानों के कई विहंगम दृश्य भी देखने को मिल जाते हैं। पेड़ों की घनी दीवारों के बीच जैसे खिड़कियां-सी खुलती हैं जहां से इन अद्भुत नजारों का आनंद लिया जा सकता है।
बारिश के मौसम में बादलों के बीच दूर-दूर तक नजारे कम देखने को मिलते हैं साथ ही यहां कच्ची सड़क होने से फिसलने का खतरा भी बढ़ जाता है लेकिन बारिश के मौसम का भी यहां अपना अलग मजा है। यहां देखने के लिए व्यू प्वाइंट, झीलें और पार्क हैं जिनमें मंकी प्वाइंट,इको प्वाइंट,मनोरमा प्वाइंट,सनराइज और सनसेट प्वाइंट प्रमुख हैं।
लिटिल चॉक और चॉक पॉइण्ट से नवी मुंबई की ओर के बेहद खूबसूरत और आकर्षक नजारों का लुत्फ लिया जा सकता है। सालभर ही माथेरान में कुदरती सुंदरता के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं लेकिन जून से अगस्त यानी बारिश के महीनों को छोड़कर बाकी समय मौसम बेहद सुहावना रहता है। माथेरान में पैदल रास्ते भी कच्ची-पक्की पगडंडियों के तौर पर ही मिलते हैं जिनके जरिए नीचे घाटी की तरफ जाने पर उस झील तक भी पहुंचा जा सकता है जहां से पूरे माथेरान में पानी की सप्लाई होती है।
माथेरान पहुंचने के लिए मुंबई के करीब नेरूल जंक्शन से दो फुट चौड़ी नैरो गेज लाईन पर चलनेवाली टॉय-ट्रेन सबसे बेहतर विकल्प हैं जो लगभग इक्कीस किमी का सफर तय कर सवारियों को माथेरान बाजार के बीच स्थित रेलवे स्टेशन तक पहुंचाती है। महाराष्ट्र का खूबसूरत हिल-स्टेशन माथेरान दुनिया भर की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है जहां किसी भी किस्म के मोटर वाहन के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी है।






