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- कौनसे क्षेत्र मे बनाए अपना करियर..........?
Posted by : achhiduniya
22 October 2015
आज के युवा जिस जोश और मेहनत से पढ़ाई मे लगन दिखा रहे है उसी प्रकार उन्हे पढ़ाई के बाद अपने भविष्य मे करियर की भी चिंता सताती है। वैसे तो डरने और चिंता करने के जरूरत नही लेकिन सावधानी के साथ सही निर्णय लेने की जरूरत है। हर क्षेत्र का अपना एक रास्ता होता है,जिस पर चलके आपको अनुभव प्राप्त होता है। सबसे जरूरी इसमे यह है कि आपका किस क्षेत्र मे जाने का इन्टरेस्ट है। आपसे एक क्षेत्र कि जानकारी सांझा करते है। भारत मेडिसिन्स बनाने के मामले में वर्ल्ड में चौथे स्थान पर है।
साइंस सब्जेक्ट पढने वाले यंगस्टर के लिए करियर संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। बायोइंफरेमेटिक्स के बढने से इस क्षेत्र में युवाओं की मांग भी बढने लगी है। फार्मा के क्षेत्र में भी करियर की संभावनाएं बढी हैं। विज्ञान विषय के लिए फार्मा कोविजिलेंस[औषधी विज्ञान
तज्ञ] एक उभरता हुआ करियर क्षेत्र है। विज्ञान विषय के स्टूडेंट्स इसमें करिअर बना सकते हैं। फार्मा कोविजिलेंस [औषधी विज्ञान तज्ञ] के अंतर्गत दवाओं से जुडी समस्याओं का समाधान किया जाता है। मरीजों पर पड रहे मेडिसिन्स के असर को पहचानना,उसको मापना,उसकी पुष्टि करना,दवाओं की एवेलबलिटी,उसकी मार्केटिंग, प्रयोग आदि फार्मा कोविजिलेंस के अंतर्गत आते हैं।
इन सब जानकारियों को कलेक्ट कर दवा निर्माण तक पहुंचाना। इस जानकारियों के आधार पर ही दवा कंपनियां अपनी दवाइयों को और अधिक सुरिक्षत और उपयोगी बनाती हैं। इस क्षेत्र में करिअर के अवसर देश के साथ-साथ विदेशों में भी हैं। फार्मा कोविजिलेंस[औषधी विज्ञान
तज्ञ] में करियर बनाने के लिए यह गुण जरूरी है कि आप दवाइयों के मरीजों पर पड रहे विपरीत प्रभाव को जान सके। साथ ही कम्युनिकेशन स्कील भी जरूरी है क्योंकि इसमें पेशंट्स, डॉक्टर्स, केमिस्ट, मेडिकल कंट्रोल बोर्ड आदि के कॉन्टेक्ट में रहना पडता है। फार्मा कोविजिलेंस में सिर्टिफकेट और डिप्लोमा दोनों तरह के कोर्स किए जा सकते हैं। फार्मा कोविजिलेंस[औषधी विज्ञान
तज्ञ] और फार्मा कोइपिडेमियोलॉजी में सिर्टिफकेट कोर्स चार माह का होता है।
इसके लिए आपको बॉटनी,जूलॉजी,बायोकेमेस्ट्री, माइक्र बायोलॉजी, जेनेटिक्स या बायोटेक से ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट में 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होने के बाद इन कोर्सों को किया जा सकता है। फार्मेसी या मेडिसिन से 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएट की पढाई करने वाले युवा भी इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। इन कोर्सेस को फार्मा कोविजिलेंस [औषधी विज्ञान तज्ञ] के कोर्स सिमोजेन इंडिया या द इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च, इंडिया के नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद स्थित संस्थानों से किया जा सकता है। फार्मा कोविजिलेंट में इन पाठ्यक्रमों को पढाया जाता है जैसे :-फार्मा कोविजिलेंस इन क्लिनिकल रिसर्च, रेगुलेशन इन फार्मा कोविजिलेंस, बेसिक प्रिंसिपल ऑफ फार्मा कोविजिलेंस, ड्रग रिएक्शन, रिस्क मैनेजमेंट इन फार्मा कोविजिलेंस[औषधी विज्ञान
तज्ञ], मैनेजमेंट ऑफ फार्मा कोविजिलेंस डाटा।
इन पाठ्यक्रमों को करने का बाद दवाइयां बनाने वाली बडी कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलते हैं। मेडिकल में रुचि रखने वाले यंगस्टर्स के लिए अच्छा करिअर अवसर है। इसमें करियर की अच्छी संभावनाएं हैं। जॉब लगने के शुरु आत में ही वेतन करीब 15 से 20 हजार रुपए मिल सकता है। अच्छा अनुभव हासिल होने पर वेतन 30 से 40 हजार रुपए आसानी से हासिल किया जा सकता है।





