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- तभी आपको मंजिल मिलेगी...वर्मा युही कोलू के बैल की तरह ज़िंदगी चलेगी......
Posted by : achhiduniya
11 October 2015
आज हर
कोई जल्द
से जल्द आगे
बड़ के
खूब धन-दौलत,शौहरत हासिल
करना चाहता
है,लेकिन
अपनी दिशा
नही तैय
कर पाता कि
आखिर वह किस
मंजिल
को पाना
चाहता
है। आपका
लक्ष्य
जितना
साफ होगा
सफलता
का प्रकाश
उतना ही
उजागर
होता चला
जायेगा। किसी
भी क्षेत्र
में सफल
होने के
लिए मन
में दृढ
इच्छाशक्ति
का होना
अनिवार्य
है। चाहे
वो अमीर
बनने के
लिए हो,एग्जाम
में अच्छे
नंबर से
पास होने
के लिए
हो,किसी
भी क्षेत्र
में सफल
होने के
लिए हो,सामाजिक
कार्य
हो,सफल
राजनीती
हो,अच्छा
डाक्टर, इंजीनियर, बिजनीस
मैन बनना इन
सभी के
लिए अपने
मस्तिष्क
में अपने
टारगेट
को स्पष्ट
कर लें
कि वाकई
आपका लक्ष्य
क्या है?आप
चाहते
क्या है? आप
अपने मन
मे एक निश्चित
प्लान
बना लें
कि किस
तरह आपको
अपनी प्रबल
इच्छा
को हकीकत
में बदलना
है। प्लान
बनते ही
उसके एक्शन के
लिए जुट
जाएँ। ये कभी
न सोचे कि
आपके पास
क्या है और
क्या नहीं? इस
वक्त जो आपके
पास है
उसी के
साथ अपनी
योजना
के अनुसार
काम की
शुरूवात
कर दें। आप जब आगे
बढ़ते जायेंगे, वो
सारी चीजें
भी सामने
आती जाएँगी
जो आपके
लिए जरूरी
है।उस
समय आप
उसे आसानी
से हासिल
कर पाएंगे। इसलिए
बस आपको
कदम बढ़ाने
और शुरूआत
करने की
देरी है। अपनी
निर्धारित
योजना
के अनुसार
आगे बढ़ते
चले जाएँ।हो सके
तो उसका
प्रिंट
आउट निकालकर
रखें जैसे
लैपटॉप,कंप्यूटर,मोबाइल,घर के दरवाजे में
वॉलपेपर
रख दें।किसी
भी चीज
को पाने
के लिए
हमेशा
प्रयास
करना पड़ता
है।
एक
बात ध्यान
रखे चिड़ियो
को भी
दाने के
लिए जाना
पड़ता है।
शेर को
भी शिकार
करने के
लिए जंगल
मे जाना
ही पड़ता
है, भले
वह जंगल
का राजा
क्यू....? न
कहलाता
हो। सिर्फ
कल्पना
करने, सोचते
रहने, सपने
देखते
रहने से
कुछ नहीं
होता, आपको
यदि कुछ
पाना है, तो
अपने नींद-सुख
चैन को छोड़ना
होगा ताकि
आप और
अधिक आपना
लक्ष्य
पूरा कर
सके। इस
दुनिया
में कोई
भी चीज
मुफ्त
में नहीं
मिलती। इच्छाशक्ति
को कार्य
में बदलने
के लिए
आपको मेहनत
करना ही
पड़ेगा, पसीना
बहाना
ही पड़ेगा, संघर्ष
करना ही
पड़ेगा। क्या
आप दिन-रात
एक करके
काम करना
पसंद करेंगे।
लक्ष्य
का चुनाव
आपको हर
उस कार्यक्षेत्र
में सफलता
दिलाएगा
जिसका
आप कई
दिनों
से सपना
देखते
आ रहे
हैं। दिमाग
में लक्ष्य
प्राप्ति
की इच्छाशक्ति
जोरों
से होनी
चाहिए
तभी आप
आगे कदम
बढ़ा पाएंगे।जिस
प्रकार
पानी की
प्यास
जोरों
पर होती
तभी आप
तुरंत
पानी पीते
है। नींद
आने पर
सोने चले
जाते है।
पानी के
बाहर निकालने
पर मछली
तड़पती
है उसी
प्रकार
आप को
भी अपनी
इसी मन
की दृढ
इच्छाशक्ति को
जगाना
होगा तभी
आपको अपने
सपनों
की मंजिल मिलेगी.......वर्मा
युही कोलू
के बैल
की तरह ज़िंदगी
चलेगी......



