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- फुटबॉल ब्लैक एंड व्हाइट और कराटे बेल्ट काली क्यों………?
Posted by : achhiduniya
25 March 2016
पहले फुटबाल एकरंगी हुआ करता था, लेकिन 1970 में मैक्सिको में खेले गए फुटबॉल विश्व कप में पहली बार काले-सफेद पैनलों
की डिजाइन वाला फुटबॉल तैयार किया गया। दरअसल, टीवी पर इस मैच
का लाइव प्रसारण होना था, तब एडिडास कंपनी ने इस डिजाइन के बारे
में सोचा ताकि दर्शकों को ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन पर फुटबॉल के मूवमेंट्स आसानी से
नजर आ जाएं। इस फुटबॉल को दर्शकों के साथ-साथ खिलाडियों और रेफरीज ने भी खूब पसंद किया,
क्योंकि यह आसानी से नजर आता था।
कराटे बेल्ट काली क्यो.......? राटे में सर्वश्रेष्ठ और सर्वोच्च स्तर के खिलाडी को जो बेल्ट पहनाई जाती है, वह काली ही क्यों होती है? इस संबंध में वैसे तो कई दावे किए गए हैं, लेकिन सर्वमान्य दावा यह है कि सफेद बेल्ट से शुरुआत करते हुए विद्यार्थी की तरक्की और प्रतिभा के बढते स्तर के मुताबिक यह रंग गाढा होता चला जाता है। सफेद, पीला, नारंगी, हरा, बैंगनी, भूरा, लाल और फिर अंत मे काला, क्योंकि काला सबसे गाढा रंग है और इस पर कोई दूसरा रंग नहीं चढता। इसीलिए काले रंग को कराटे में श्रेष्ठता का प्रतीक माना गया है।
कराटे बेल्ट काली क्यो.......? राटे में सर्वश्रेष्ठ और सर्वोच्च स्तर के खिलाडी को जो बेल्ट पहनाई जाती है, वह काली ही क्यों होती है? इस संबंध में वैसे तो कई दावे किए गए हैं, लेकिन सर्वमान्य दावा यह है कि सफेद बेल्ट से शुरुआत करते हुए विद्यार्थी की तरक्की और प्रतिभा के बढते स्तर के मुताबिक यह रंग गाढा होता चला जाता है। सफेद, पीला, नारंगी, हरा, बैंगनी, भूरा, लाल और फिर अंत मे काला, क्योंकि काला सबसे गाढा रंग है और इस पर कोई दूसरा रंग नहीं चढता। इसीलिए काले रंग को कराटे में श्रेष्ठता का प्रतीक माना गया है।

