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- किसान विकास पत्र को अब इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किया जाएगा.......... लोन भी हो जाएंगे सस्ते .....
Posted by : achhiduniya
02 April 2016
राष्ट्रीय
बचत प्रमाणपत्र तथा किसान विकास पत्र को अब इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किया जाएगा।
सरकार ने पहले से छपे कागजी दस्तावेज व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय किया है. वित्त
मंत्रालय ने कहा कि किसान विकास पत्र तथा एनएससी के संदर्भ में पहले से प्रकाशित
प्रमाणपत्र की मौजूदा व्यवस्था एक अप्रैल 2016 से समाप्त हो गई है और उसकी जगह
राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) और किसान विकास पत्र का प्रमाणपत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप
से जारी किया जाएगा। हालांकि कोर बैंकिंग
प्रणाली के ई-प्रारूप को जारी करने तक बैंक तथा डाकघर भौतिक रूप से प्रमाणपत्र
पासबुक पर रिकॉर्ड करने का विकल्प चुन सकते हैं। बैंकों ने ब्याज दर तय करने के
लिए नया फार्मूला अपना लिया है, जिससे उपभोक्ता लोन सस्ते हो जाएंगे।
भारतीय रिर्जव बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का त्वरित एवं प्रभावी फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए बैंकों से उक्त फार्मूला अपनाने को कहा था। एसबीआई, एचडीएफसी बैंक एवं एक्सिस बैंक के बाद आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई ने भी आज कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर प्रणाली अपनाने की घोषणा की। कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक तथा ओबीसी ने भी ब्याज दर गणना का नया फार्मूला अपनाने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) से ब्याज दरों में एक प्रतिशत तक की कटौती आ सकती है। रिर्जव बैंक ने बैंकों से कहा था कि वे तीन साल की अवधि तक के लोन पर ब्याज दर कोष की सीमांत लागत के आधार पर तय करें।
भारतीय रिर्जव बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का त्वरित एवं प्रभावी फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए बैंकों से उक्त फार्मूला अपनाने को कहा था। एसबीआई, एचडीएफसी बैंक एवं एक्सिस बैंक के बाद आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई ने भी आज कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर प्रणाली अपनाने की घोषणा की। कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक तथा ओबीसी ने भी ब्याज दर गणना का नया फार्मूला अपनाने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) से ब्याज दरों में एक प्रतिशत तक की कटौती आ सकती है। रिर्जव बैंक ने बैंकों से कहा था कि वे तीन साल की अवधि तक के लोन पर ब्याज दर कोष की सीमांत लागत के आधार पर तय करें।

