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- बाल मजदूरी करवाना अपराध 50 हजार रुपए तक जुर्माना व तीन साल तक की सजा..... विधेयक पारित
Posted by : achhiduniya
20 July 2016
बच्चो
के भविष्य को ध्यान मे रखते हुए। राज्यसभा ने 14 साल से कम उम्र के बच्चो से श्रम लेने और 18 साल तक
के किशोरों से खतरनाक क्षेत्रों में काम लेने पर रोक के प्रावधान वाले एक
महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए श्रम
मंत्री बंडारु दत्तात्रेय ने इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि इसका मकसद बाल श्रम को
पूरी तरह से समाप्त करना है। उन्होंने कहा
कि इस विधेयक में 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए परिवार
से जुड़े व्यवसाय को छोड़कर विभिन्न क्षेत्रों में पूर्ण रोक का प्रावधान किया गया
है। उन्होंने कहा कि इसे शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 से भी
जोड़ा गया है और बच्चे अपने स्कूल के समय के बाद पारिवारिक व्यवसाय में घर वालों की
मदद कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि चर्चा के दौरान यह पूरी तरह से साफ हुआ है कि सभी लोग बाल श्रम को समाप्त किए जाने के पक्ष में हैं।बंडारु दत्तात्रेय ने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों के उल्लंघन पर सख्त सजा का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले के प्रावधानों के मुताबिक 10 हजार से 20 हजार रुपए तक का जुर्माना और तीन महीने से एक साल तक की सजा हो सकती थी। लेकिन इस संशोधन विधेयक में सजा को और सख्त करते हुए 20 हजार से 50 हजार रुपए तक जुर्माना का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही पहली बार अपराध होने पर छह महीने से दो साल की सजा जबकि दूसरी बार अपराध के मामले में एक साल से तीन साल तक की सजा का प्रस्ताव है।
मंत्री ने कहा कि चर्चा के दौरान यह पूरी तरह से साफ हुआ है कि सभी लोग बाल श्रम को समाप्त किए जाने के पक्ष में हैं।बंडारु दत्तात्रेय ने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों के उल्लंघन पर सख्त सजा का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले के प्रावधानों के मुताबिक 10 हजार से 20 हजार रुपए तक का जुर्माना और तीन महीने से एक साल तक की सजा हो सकती थी। लेकिन इस संशोधन विधेयक में सजा को और सख्त करते हुए 20 हजार से 50 हजार रुपए तक जुर्माना का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही पहली बार अपराध होने पर छह महीने से दो साल की सजा जबकि दूसरी बार अपराध के मामले में एक साल से तीन साल तक की सजा का प्रस्ताव है।

