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- क्या है आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35ए…?
Posted by : achhiduniya
10 December 2017
14 मई 1954 को राष्ट्रपति
राजेंद्र प्रसाद की ओर से इस कानून को लागू किया गया था। अब अगर इसमें कोई बदलाव
हो सकता है तो वह जम्मू कश्मीर विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत के बाद ही वह संभव है।
आर्टिकल 35 A और आर्टिकल 370 से जम्मू
कश्मीर को जो विशेष दर्जा मिलता है वह भारत के बाकी लोगों के साथ भेदभाव की तरह
है। आर्टिकल 35ए का ये मामला लंबे समय से विवादों में है।
जानें क्या है आर्टिकल 35ए....?
आर्टिकल 35ए जम्मू और कश्मीर के संविधान में शामिल है,
जिसके मुताबिक राज्य में रहने वाले नागरिकों को कई विशेषाधिकार दिए
गए हैं।
साथ ही राज्य सरकार के पास भी यह अधिकार है कि आजादी के वक्त किसी शर्णार्थी को वह राज्य में सहूलियतें दे या नहीं। आर्टिकल के अनुसार राज्य से बाहर रहने वाले लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते, न ही हमेशा के लिए बस सकते हैं। इतना ही नहीं बाहर के लोग राज्य सरकार की स्कीमों का लाभ नहीं उठा सकते और ना ही सरकार के लिए नौकरी कर सकते हैं। कश्मीर में रहने वाली लड़की अगर किसी बाहर के शख्स से शादी कर लेती है तो उससे राज्य की ओर से मिले अधिकार छीन लिए जाते हैं।
इतना ही नहीं उसके बच्चे भी हक की लड़ाई नहीं लड़ सकते। यह भारतीयों को अलग करने का आर्टिकल है। यह महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है। हालांकि, इसके समर्थन में अलगावादी नेता ही नहीं मुफ्ती सरकार भी कई बार बोल चुकी है। सीएम मुफ्ती ने कहा था कि अगर 35ए राज्य से हटाया जाता है,तो राज्य में कोई तिरंगा लहराने वाला नहीं रहेगा।
साथ ही राज्य सरकार के पास भी यह अधिकार है कि आजादी के वक्त किसी शर्णार्थी को वह राज्य में सहूलियतें दे या नहीं। आर्टिकल के अनुसार राज्य से बाहर रहने वाले लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते, न ही हमेशा के लिए बस सकते हैं। इतना ही नहीं बाहर के लोग राज्य सरकार की स्कीमों का लाभ नहीं उठा सकते और ना ही सरकार के लिए नौकरी कर सकते हैं। कश्मीर में रहने वाली लड़की अगर किसी बाहर के शख्स से शादी कर लेती है तो उससे राज्य की ओर से मिले अधिकार छीन लिए जाते हैं।
इतना ही नहीं उसके बच्चे भी हक की लड़ाई नहीं लड़ सकते। यह भारतीयों को अलग करने का आर्टिकल है। यह महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है। हालांकि, इसके समर्थन में अलगावादी नेता ही नहीं मुफ्ती सरकार भी कई बार बोल चुकी है। सीएम मुफ्ती ने कहा था कि अगर 35ए राज्य से हटाया जाता है,तो राज्य में कोई तिरंगा लहराने वाला नहीं रहेगा।


