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- जीवन को दे नई दिशा.....
Posted by : achhiduniya
30 March 2018
काबू में रखें - खाना खाते समय पेट को।
काबू में रखें - किसी के घर जाएं तो आँखों को।
काबू में रखें - महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को।
काबू में रखें - पराया धन देखें तो लालच को।
काबू में रखें - प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को,
भूल जाएं - अपनी नेकियों को।
भूल जाएं - दूसरों की गलतियों को।
भूल जाएं - अतीत के कड़वे संस्मरणों को।
छोड दें - दूसरों को नीचा दिखाना।
छोड दें - दूसरों की सफलता से जलना।
छोड दें - दूसरों के धन की चाह रखना।
छोड दें - दूसरों की चुगली करना।
छोड दें - दूसरों की सफलता पर दुखी होना।
@ यदि आपके फ्रिज में खाना है, बदन पर कपड़े हैं, घर के ऊपर छत है और सोने के लिये जगह है,तो दुनिया के 75% लोगों से ज्यादा धनी हैं। @ यदि आपके पर्स में पैसे हैं और आप कुछ बदलाव के लिये कही भी जा सकते हैं जहाँ आप जाना चाहते हैं,तो आप दुनिया के 18% धनी लोगों में शामिल हैं। @ यदि आप आज पूर्णतः स्वस्थ होकर जीवित हैं। तो आप उन लाखों लोगों की तुलना में खुशनसीब हैं जो इस हफ्ते जी भी न पायें। @ जीवन के मायने दुःखों की शिकायत करने में नहीं हैं,बल्कि हमारे निर्माता को धन्यवाद करने के अन्य हजारों कारणों में है। @ यदि आप मैसेज को वाकइ पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं,तो आप उन करोड़ों लोगों में खुशनसीब हैं जो देख नहीं सकते और पढ़ नहीं सकते। @ इतना छोटा कद रखिए कि सभी आपके साथ बैठ सकें। और इतना बड़ा मन रखिए कि जब आप खड़े हो जाऐं, तो कोई बैठा न रह सके। @ अगर कोई पूछे कि जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया ? तो बेशक कहना, जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी। क्या खुबसूरत रिश्ता है मेरे और मेरे भगवान के बीच में, ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम वो देता नहीं। # जीवन के तीन मंत्र:-1 आनंद में - वचन मत दीजिये। 2 क्रोध में - उत्तर मत दीजिये। 3 दुःख में - निर्णय मत लीजिये।
# जीवन मंत्र
१) धीरे बोलिये = शांति मिलेगी
२) अहम छोड़िये = बड़े बनेंगे
३) भक्ति कीजिए = मुक्ति मिलेगी
४) विचार कीजिए = ज्ञान मिलेगा
५) सेवा कीजिए = शक्ति मिलेगी
६) सहन कीजिए = देवत्व मिलेगा
७) संतोषी बनिए = सुख मिलेगा
# शानदार बात:- झाड़ू जब तक एक सूत्र में बँधी होती है, तब तक वह "कचरा" साफ करती है, लेकिन वही झाड़ू जब बिखर जाती है, तो खुद कचरा हो जाती है। इस लिये, हमेशा संगठन से बंधे रहें , बिखर कर कचरा न बनें।


