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- निर्णय क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं ग्रह ?
Posted by : achhiduniya
01 April 2018
हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठा निर्णय क्षमता को दर्शाता है। चन्द्रमा मन का कारक होता है। अतःनिर्णय क्षमता में इसकी विशेष भूमिका होती है। ज्योतिष में निर्णय लेने की क्षमता पंचम,नवम तथा एकादश भाव से देखी जाती है। अलग अलग तत्वों से अलग अलग तरह की निर्णय लेने की स्थितियां बन जाती हैं। इसी प्रकार अलग अलग ग्रह निर्णय क्षमता पर अलग अलग प्रभाव डालते हैं। जैसे:- सूर्य वाले लोग तुरंत निर्णय लेते हैं, परिणाम ठीक ही रहता है। चन्द्रमा वाले लोगों निर्णय आमतौर पर भावनाओं से चलता है। मंगल प्रधान लोग जोश में निर्णय लेते हैं। बुध प्रधान लोग अक्सर निर्णय लेने में दुविधा के शिकार हो जाते है। बृहस्पति और शुक्र प्रधान लोग अक्सर संतुलित निर्णय ले लेते हैं। शनि प्रधान लोग सोच समझकर और बेहतरीन निर्णय लेते हैं।
जाने व्यक्ति कब निर्णय ठीक नहीं ले पाता और असफल हो जाता है...? पंचम भाव के स्वामी के कमजोर होने पर या पापक्रांत होने पर,जल तत्व की मात्रा ज्यादा होने पर,अग्नि तत्व मजबूत होने पर व्यक्ति जोश में गलत निर्णय ले लेता है और कभी कभी बुरी तरह असफल होता है। अगर कुंडली में चन्द्र और बुध की प्रधानता हो तो व्यक्ति चंचल स्वभाव और भावनाओं के कारण गलत निर्णय लेता है। अंगूठे का पहला पोर लचीला हो व्यक्ति बार बार निर्णय बदलता है और असफलता का सामना करता है।
जाने कब व्यक्ति सही समय पर सही निर्णय लेता है? पंचम भाव के स्वामी के मजबूत होने पर,पृथ्वी तत्त्व या अग्नि तत्त्व का संतुलन सही होने पर,शनि के मजबूत होने पर,केवल शुभ ग्रहों के केंद्र में होने पर,खास तौर से बृहस्पति,चन्द्रमा के शुभ स्थानों में होने पर या मजबूत होने पर,अंगूठे का पहला पोर लम्बा और सख्त होने पर।
जाने निर्णय क्षमता मजबूत करने के सरल उपाय क्या हैं? प्रातः काल नवोदित सूर्य को जल जरूर अर्पित करें। महिलायें जल में हल्दी डाल लें और पुरुष रोली मिला लें। महीने में दो एकादशी या एक पूर्णिमा का जलीय उपवास रखे। भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र- नमः शिवाय का जाप करें। भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें। शनिवार को प्रकाश का दान करें। पीला पुखराज या हीरा धारण करने से भी निर्णय क्षमता मजबूत होती है।



