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- एससी/एसटी ऐक्ट के कठोर प्रावधानों के विरोध मे किन्नर बिरादरी का नोटा आंदोलन चलाने का ऐलान.....
Posted by : achhiduniya
12 September 2018
देश में लागू किए गए एससी/एसटी ऐक्ट के कठोर प्रावधानों
के चपेट में कोई निर्दोष न फंसे और देश में एक बार फिर सुलग रही आरक्षण विरोध की
आग ठंडी पड़ जाए। किन्नर बिरादरी ने
यूपी के बलिया शहर के बीचोबीच मौजूद सांईं बाबा से प्रार्थना के साथ जनता के बीच
जाकर इस कानून के विरोध में 'नोटा आंदोलन' चलाने का ऐलान किया। साईं मंदिर में नियमित
भजन-कीर्तन करने के साथ हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह पूर्णिमा को बलिया की
प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा बनवाकर गरीबों को वितरित कराने वाली अन्नू का कहना है कि जिस
तरह सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता पर समान अधिकार की बात कहकर आदेश दिया है,
उसी तरह आरक्षण को लेकर पहल करे। अंग्रेजों
की गुलामी के खिलाफ जिस बागी बलिया ने आंदोलन का पहला बिगुल फूंका था, आज उसी जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध केंद्र सरकार द्वारा
अनुसूचित जाति व जनजाति ऐक्ट में किए गए कठोर प्रावधानों के खिलाफ अनुष्का चौबे
उर्फ अन्नू नामक किन्नर ने नोटा आंदोलन का विधिवत आगाज किया।
कोलकाता यूनिवर्सिटी
से स्नातक की डिग्री हासिल कर चुकीं अनुष्का ने इस आंदोलन में देशभर के किन्नर
समुदाय को जोड़ने की मुहिम भी छेड़ दी है। अनुष्का का
कहना है कि आज देश वोट की राजनीति के चलते गर्त में जा रहा है। उन्होंने कहा,
समय की मांग है कि नेताओं को सबक सिखाए जाने के लिए नोटा आंदोलन छेड़ा
गया है। किन्नरों को न एमपी बनना है, न एमएलए, हम सिर्फ गरीबों के हक के लिए यह लड़ाई लड़ेंगे। हमारा मानना है आज देश
में सिर्फ दो जातियां है अमीर व गरीब। आरक्षण का लाभ सिर्फ गरीबों को मिलें। घर-घर
खुशियों के माहौल में बधाई गीत गाकर नेग मांगने वाली अन्नू अब लोगों से नोटा के
लिए समर्थन मांगेंगी। इसको लेकर जल्द ही देशभर के किन्नरों की महापंचायत बुलाई
जाएगी। नोटा आंदोलन से क्या फायदा मिलेगा? इस सवाल पर अनुष्का का कहना है कि किन्नर बिरादरी आमजन की खुशहाली के लिए
सदैव मन्नत मांगती रहती है।
उन्होंने कहा, आज देश में गरीबों
का हक कभी आरक्षण के नाम पर तो कभी किसी और कानून के नाम पर मारा जा रहा है।
आरक्षण का फायदा देश के सिर्फ गरीबों को मिले। आज जिनकी सालाना आय दस लाख रुपए से
ज्यादा है, वे भी इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि
आरक्षण को जातिगत की जगह आर्थिक आधार पर करने की मांग देश के सभी राजनीतिक दलों के
दिल-दिमाग में डालने के लिए नोटा आंदोलन बहुत जरूरी है। अनुष्का ने कहा, एससी/एसटी ऐक्ट को लेकर सुप्रीम
कोर्ट ने जो आदेश दिया उसको दरकिनार करके केंद्र सरकार जो अध्यादेश लाई, उसमें सुर से सुर मिलाने का काम कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने किया।
इसलिए किसी राजनीतिक दल की बजाए इस बार नोटा का बटन ही जनता दबाएं, यह अपील हम सब घर-घर जाकर बधाई संदेश गाने के साथ करना प्रारंभ करेंगे।
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| [ अनुष्का चौबे उर्फ अन्नू नामक किन्नर] |


