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- IPC Section 497 को हटाने वाले जज का मेंटल चेकअप किए जाने की जरूरत है....कांग्रेस लीडर के सुधाकरन
Posted by : achhiduniya
30 September 2018
व्यभिचार को अपराध ठहराने वाले आईपीसी के सेक्शन 497 को हटाने के फैसले पर सीनियर कांग्रेस लीडर के. सुधाकरन ने कहा कि जज के मानसिक स्वास्थ्य की जांच किए जाने की जरूरत है। कुन्नूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मानसिक रूप से बीमार जज को अपने फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए। यह देश के पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ है। अदालत की अवमानना करने वाला यह बयान उन्होंने ऐसे वक्त में दिया, जब कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ता भी वहां मौजूद थे। अब तक कांग्रेस लीडर के खिलाफ कोई केस नहीं दर्ज किया गया है। प्रदेश केरल कांग्रेस के प्रेजिडेंट सुधाकरन ने कहा कि यह पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ है।

भारत हमेशा से अपने पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर गर्व करने वाला देश रहा है। फैसले का जिक्र करते हुए सुधाकरन ने कहा कि इस जज ने यह दिखाया है कि उन्हें भारत के पारिवारिक मूल्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जज को अपने फैसले पर एक बार फिर से सोचना चाहिए। केरल कांग्रेस प्रेजिडेंट ने कहा, पति पत्नी के लिए जिम्मेदार नहीं है, पत्नी पति के प्रति जवाबदेह नहीं है। जज के साथ कुछ गलत है? क्या वह मानसिक रूप से स्थिर हैं?
हम भारतीय लोग अपने पारिवारिक मूल्यों को दुनिया के सामने गर्व के साथ पेश करते रहे हैं। हमारे पारिवारिक मूल्य हमारे लिए गर्व का विषय हैं। अब पति किसी अलग रास्ते पर जाएगा और पत्नी किसी और रास्ते पर। जज का मेंटल चेकअप किए जाने की जरूरत है।

