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- शिकागो से RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भरी हिंदुओ के एक होने की हुंकार.....
Posted by : achhiduniya
08 September 2018
बीते 11 सितंबर 1893 को स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया था,जिसकी 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर विश्व हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सात सितंबर से नौ सितंबर तक आयोजित होने वाले विश्व हिंदू कांग्रेस में 80 देशों से 2,500 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिन्दु समुदाय से एकजुट होकर मानव कल्याण के लिए काम करने की अपील की। विश्व हिन्दू सम्मेलन में करीब 2,500 लोगों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि हिन्दू समाज में प्रतिभावान लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। हिन्दू सिद्धांत से प्रेरित अपने संबोधन में भागवत ने कहा, लेकिन वे कभी साथ नहीं आते हैं। हिन्दुओं का साथ आना अपने आप में मुश्किल है। उन्होंने कहा कि हिन्दू हजारों वर्षों से प्रताड़ित हो रहे हैं,क्योंकि वे अपने मूल सिद्धांतों का पालन करना और आध्यात्मिकता को भूल गये हैं।
सभी लोगों के साथ आने पर जोर देते हुए भागवत ने कहा, हमें साथ आना होगा। भागवत ने ये भी कहा कि हमारे मूल्य ही आज की तारीख में सार्वजनिक मूल्य बन गए हैं। इसे ही हिंदू मूल्य कहते हैं। हर तरह की परिस्थितियों में हम आध्यात्मिक गुरु की तरह हैं। उन्होंने कहा कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता। हमारे पास ज्ञान और बुद्धि है, लेकिन हमें अपने संस्कार नहीं भूलने चाहिए। हम अक्सर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने को भूल जाते हैं। तीन दिवसीय सम्मेलन में 80 से ज्यादा देशों के 2,500 से ज्यादा प्रतिनिधि और 250 से ज्यादा वक्ता हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन में आर्थिक, शैक्षणिक, मीडिया, सांगठनिक, राजनीतिक और महिलाओं एवं युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सत्र रखे गए हैं। इसमें वैश्विक हिंदू समुदाय के मूल्यों, रचनात्मकता एवं उद्यमी भावना को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

