- Back to Home »
- National News »
- पेट्रोल-डीजल मे लगी महंगाई की आग को केंद्र [2.5/-] व राज्य सरकार [2.5/-] मिलकर बुझाने का करेंगी प्रयास....
पेट्रोल-डीजल मे लगी महंगाई की आग को केंद्र [2.5/-] व राज्य सरकार [2.5/-] मिलकर बुझाने का करेंगी प्रयास....
Posted by : achhiduniya
04 October 2018
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फेंस कर कहा कि सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 1.50 रुपये की कटौती है। साथ ही साथ तेल कंपनियां एक रुपये की कटौती करेंगी। कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल के दामों में ढाई रुपये की कटौती की गई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में 2.50 रुपये कटौती की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने राज्यों से भी इतनी ही कटौती करने की गुजारिश की है,ताकि ग्राहकों को 5 रुपये की राहत मिले। वित्त मंत्री ने कहा कि कटौती से एक्साइज रेवेन्यू में इस साल 10,500 करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ेगा। जेटली ने कहा कि अमेरिका ने इंट्रेस्ट रेट बढ़ाया है, जिसका बाजार पर असर पड़ा है। बाजार और करंसी बाजार में उतार-चढ़ाव है। कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। हमने आईएलऐंडएफएस के बोर्ड का बदल दिया है। हमने आयात पर अंकुश के लिए भी कई कदम उठाए हैं। महंगाई नियंत्रण में है और 4 प्रतिशत से कम पर बनी हुई है।
पिछली तिमाही में जीडीपी 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। ईंधन के बढ़ते दाम से किसानों की पहले से बदहाल स्थिति और खराब होने की आशंका है। विशेषकर रबी फसलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने का अनुमान है। डीजल अभी रिकॉर्ड उच्च कीमत पर बेचा जा रहा है। यह कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाता है। खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंपसेट तक डीजल से ही चलते हैं। अत: डीजल के महंगा होने से किसानों पर इसका असर पड़ना अवश्यंभावी है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों मंत्रियों ने कच्चा तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों तथा रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरते जाने के प्रभावों को दूर करने पर चर्चा की। साथ ही सब्सिडी वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर भी पहली बार 500 रुपये प्रति सिलिंडर को पार कर गया है।

