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- हाथी [बसपा] ने ठुकराया....इसलिए साइकिल [सपा] को चलाएगा पंजा [कांग्रेस]
Posted by : achhiduniya
04 October 2018
बहुजन समाज पार्टी [बसपा] सुप्रीमो मायावती की ओर से मध्य
प्रदेश राज्य में गठबंधन के लिए मनाही के
बाद सियासत मे नया मोड़ आया। मध्य प्रदेश कांग्रेस
पार्टी चीफ कमलनाथ ने कहा, कुछ
दिनों पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से बात की थी। हम लगातार बातचीत कर
रहे हैं। विधानसभा चुनावों की आहट पर मध्य प्रदेश, राजस्थान
और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बहुजन
समाज पार्टी के साथ गठबंधन की राह देख रही थी,लेकिन मायावती
ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर किसी भी राज्य में गठबंधन ना करने का ऐलान
किया। मायावती ने कांग्रेस पर घमंडी होने का आरोप लगाते हुए मध्य प्रदेश में दिग्विजय
सिंह के चलते कांग्रेस के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया।
मायावती ने कहा, दिग्गविजय सिंह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इशारे पर काम कर रहे हैं। इसलिए दिग्विजय सिंह की पार्टी से गठबंधन का कोई सवाल नहीं उठता। ऐसे में मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास गठबंधन के विकल्प कम हो गए। जबकि कांग्रेस की वर्तमान राजनीति संयुक्त विपक्ष के इर्द-गिर्द घूम रही है। मायावती के जाने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि स्वाभाविक तौर पर अब अखिलेश यादव भी कांग्रेस के साथ नहीं आएंगे। क्योंकि इस वक्त दोनों का गठबंधन चल रहा है। ऐसे में एमपी कांग्रेस चीफ कमलनाथ ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के संकेत देकर नये समीकरण की ओर इशारा किया है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में बीते तीन कार्यकाल से शिवराज सिंह की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार है। राज्य में कुल 223 विधानसभा सीटें हैं। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के बजाय अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है। जबकि पार्टी राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ेगी।
मायावती ने कहा, दिग्गविजय सिंह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इशारे पर काम कर रहे हैं। इसलिए दिग्विजय सिंह की पार्टी से गठबंधन का कोई सवाल नहीं उठता। ऐसे में मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास गठबंधन के विकल्प कम हो गए। जबकि कांग्रेस की वर्तमान राजनीति संयुक्त विपक्ष के इर्द-गिर्द घूम रही है। मायावती के जाने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि स्वाभाविक तौर पर अब अखिलेश यादव भी कांग्रेस के साथ नहीं आएंगे। क्योंकि इस वक्त दोनों का गठबंधन चल रहा है। ऐसे में एमपी कांग्रेस चीफ कमलनाथ ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के संकेत देकर नये समीकरण की ओर इशारा किया है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में बीते तीन कार्यकाल से शिवराज सिंह की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार है। राज्य में कुल 223 विधानसभा सीटें हैं। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के बजाय अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है। जबकि पार्टी राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ेगी।


