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- क्या है S-400…भारत को क्यों है इसकी जरूरत...?
Posted by : achhiduniya
05 October 2018
पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की शुक्रवार को मीटिंग के दौरान S-400 डील पर मुहर लग गई है। इस डील पर अमेरिका समेत दुनिया भर के देशों की नजरें थीं। S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को दुनिया में सबसे अडवांस माना जाता है। यह एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान से गिरा सकता है। S-400 को रूस का सबसे अडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है।
यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही S-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। इस मिसाइल सिस्टम को अल्माज-आंते ने तैयार किया है, जो रूस में 2007 के बाद से ही सेवा में है। यह एक ही राउंड में 36 वार करने में सक्षम है। एयर चीफ बीएस धनोआ की मानें तो S-400 भारतीय वायुसेना के लिए एक बूस्टर शॉट जैसा होगा। भारत को पड़ोसी देशों के खतरे से निपटने के लिए इसकी खासी जरूरत है।
पाकिस्तान के पास अपग्रेडेड एफ-16 से लैस 20 फाइटर स्क्वैड्रन्स हैं। इसके अलावा उसके पास चीन से मिले J-17 भी बड़ी संख्या में हैं। पड़ोसी देश और प्रतिद्वंद्वी चीन के पास 1,700 फाइटर है, जिनमें 800 4-जेनरेशन फाइटर भी शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की कमी के चलते दुश्मनों से निपटने की उसकी क्षमता प्रभावित हुई है। इसी सप्ताह वायुसेना के चीफ धनोआ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, कोई भी देश भारत की तरह खतरे का सामना नहीं कर रहा है।
हमारे दुश्मनों की नीयत रातोंरात बदल सकती है। हमें जरूरत है कि हम अपने प्रतिद्वंद्वियों से निपटने के लिए पर्याप्त ताकत जुटाकर रखें।



