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संपत्ति की फर्जी बिक्री और गैरकानूनी पंजीकरण के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केन्द्र सरकार नए कानून की तैयारी मे..
Posted by : achhiduniya
13 January 2019
एक अध्ययन के मुताबिक अदालतों में लंबित संपत्ति संबंधी मामलों में लगभग 80 फीसदी मामले स्वामित्व से ही जुड़े होते हैं। आवास एवं शहरी विकास मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि दिल्ली सहित देश के अन्य इलाकों में इस समस्या से निपटने के लिये यह कानून बनाया जायेगा। आवास एवं शहरी विकास मामलों के मंत्रालय ने एक ही संपत्ति के एक से अधिक गैरकानूनी पंजीकरण को रोकने और संपत्ति की फर्जी बिक्री की समस्या से निपटने के लिये भूमि स्वामित्व (लेंड टाइटिल) अधिनियम बनाने की प्रक्रिया शुरु की है। जमीन और मकान सहित अन्य अचल संपत्ति की खरीद फरोख्त तथा पंजीकरण में फर्जीवाड़े को रोकने के लिये केन्द्र सरकार संपत्ति की मिल्कियत के पुख्ता निर्धारण से संबंधित कानून बनाएगी।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संपत्ति संबंधी फर्जीवाड़े को रोकने के लिये जमीन की मिल्कियत के राष्ट्रीय स्तर पर जुटाये गये आंकड़ों को समेकित कर इस समस्या से निपटा जा सकता है। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस कानून में संपत्ति पंजीकरण प्राधिकरण गठित करने का प्रावधान होगा। भूमि स्वामित्व अधिनियम का प्रारूप मंत्रालय द्वारा तय कर इसे संसद से पारित कराने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा रहा है। केन्द्रीय कानून बनने के बाद अन्य राज्य इसे अपनी जरूरत के मुताबिक लागू कर सकेंगे। इस कानून के माध्यम से भूस्वामित्व के पंजीकरण की प्रक्रिया को पुख्ता और सरल बनाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि मौजूद व्यवस्था में भूमि एंव संपत्ति के पंजीकरण की व्यवस्था राज्य सरकारों के मातहत है। इस व्यवस्था के तहत संपत्ति की खरीद महज विक्रय विलेख के आधार पर हो जाती है।
बिक्री के बाद संपत्ति मालिक नाम अंतरण का दावा कर संपत्ति का पंजीकरण अपने नाम करा सकता है। इस प्रक्रिया में विक्रय वाली संपत्ति के स्वामी की पुख्ता पहचान का फिलहाल कोई तंत्र नहीं होने के कारण पंजीकरण में फर्जीवाड़े की समस्या सभी राज्यों में बढ़ रही है। मौजूदा व्यवस्था में पंजीकरण के फलस्वरूप महज संपत्ति के कब्जे का अधिकार मिलता है, स्वामित्व का नहीं। केन्द्र सरकार के स्तर पर नये सिरे से की गयी पहल के तहत संपत्ति के पंजीकरण और सर्वे की पूरे देश में एक समान प्रक्रिया अपनायी जायेगी। इसके तहत संपत्ति के स्वामित्व के पंजीकरण का प्रावधान होगा।


