- Back to Home »
- Politics »
- कर्नाटक राजनीति में शह और मात का खेल शुरू.....
Posted by : achhiduniya
15 January 2019
कर्नाटक मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बीजेपी पर विधायकों की
खरीद-फरोख्त और जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप
लगाया है। इस बीच खबर है कि कांग्रेस के 4 से 5 विधायक मुंबई में मौजूद हैं। वहीं, किसी भी तरह की टूट से बचने के लिए बीजेपी के सभी
विधायक हरियाणा के एक रिजॉर्ट में ठहराए गए हैं। राज्य के दो निर्दलीय विधायकों ने
मंगलवार को अचानक जेडीएस-कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान कर दिया।
निर्दलीय विधायक एच नागेश और आर शंकर ने सरकार से नाराजगी का इजहार करते हुए
समर्थन वापसी की घोषणा की है। निर्दलीय विधायक आर शंकर का कहना है, आज मकर संक्रांति है और इस मौके पर हम सरकार में
बदलाव चाहते हैं। राज्य में प्रभावी सरकार होनी चाहिए लिहाजा मैं आज ही कर्नाटक
सरकार से अपना समर्थन वापस लेता हूं। विधायकों का कहना है कि सरकार की
कार्यप्रणाली से वे खुश नहीं हैं लिहाजा वे कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस ले
रहे हैं।
दोनों विधायकों ने कर्नाटक के राज्यपाल को खत लिखते हुए तत्काल प्रभाव से
समर्थन वापसी के अपने फैसले की जानकारी दी है। समर्थन वापस लेने वाले दूसरे निर्दलीय विधायक एच नागेश का कहना
है, गठबंधन सरकार को मेरा समर्थन अच्छी और
स्थिर सरकार के लिए था, जो कि यह सरकार देने में नाकाम रही। गठबंधन
के सहयोगियों में कोई आपसी समझ नहीं है, इसलिए मैंने
एक स्थिर सरकार के गठन के लिए बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया है। मुझे उम्मीद
है कि यह सरकार गठबंधन सरकार से अच्छा काम करेगी। 224 सदस्यों
वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 विधायकों का समर्थन होना जरूरी है।
अभी कांग्रेस-जेडीएस के कुल 116 और बीजेपी के 104 सदस्य हैं। गठबंधन सरकार को
बीएसपी के एक विधायक का समर्थन भी हासिल है।
निर्दलीय विधायक आर शंकर और एच नागेश
के समर्थन वापस लेने के बाद अभी गठबंधन के पास बहुमत से 4 ज्यादा यानी 117
विधायकों का समर्थन है। अटकलों की मानें तो बीजेपी का प्लान है कि विधानसभा की कुल
संख्या को ही घटाकर 207 तक ले आया जाए जिससे कि उसके 104 विधायक बहुमत में आ जाएं।
इसके लिए पार्टी को करीब 16 सदस्यों के इस्तीफे चाहिए। अगर संभावित बागी विधायकों
की नाराजगी का फायदा बीजेपी को मिल भी जाता है, तो भी उसे कम
से कम 16 विधायकों के इस्तीफे चाहिए होंगे। कांग्रेस नेता और राज्य के कैबिनेट
मंत्री जमीर अहमद ने भरोसा जताया है कि उनकी पार्टी का कोई विधायक पाला नहीं
बदलेगा। जमीर अहमद का कहना है, हमारी पार्टी के 4-5 विधायक मुंबई में हैं। अगर विधायकों को
तोड़ने की कोई कोशिश की जाएगी तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम भी कुछ बीजेपी विधायकों
के संपर्क में हैं। हमने अपने 2-3 विधायकों से बात की थी जबकि अन्य विधायकों का मोबाइल
स्विच ऑफ है। मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि कोई विधायक पार्टी नहीं छोड़ेगा।


