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- भाषणो मे मोदी सरकार पर गरजने वाले राहुल गांधी ने 5 साल में संसद में नहीं पूछा कोई भी सवाल....
Posted by : achhiduniya
14 February 2019
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी संसद के बाहर अपने भाषणो मे हर
बार मोदी सरकार से सवाल पूछते रहे,लेकिन लोकसभा
में पांच साल के दौरान उन्होंने एक भी सवाल नहीं पूछा। लोकसभा में पूछे गए सवालों
की बात करें तो ऐसा नहीं है कि सभी सांसद इस मामले में लापरवाह हैं बल्कि सुप्रिया
सुले,विजय सिंग मोहिते पाटिल और धनंजय महादिक
जैसे सांसद भी हैं जो सवाल पूछने में सबसे आगे रहे। सोलहवीं लोकसभा में कुल 1 लाख 42 हजार से
ज्यादा सवाल पूछे गए और इसमें लगभग 93 फीसदी सांसदों
की सक्रिय भागीदारी रही। उल्लेखनीय बात यह है कि सर्वाधिक सवाल किसानों की
आत्महत्या और उनकी अन्य समस्याओं को लेकर पूछे गए। कुल 171 सांसदों ने किसानों की आत्महत्या पर प्रश्न पूछे।
इसके अलावा वित्त,स्वास्थ्य,परिवार कल्याण
और रेलवे से सम्बंधित प्रश्न भी ज्यादा पूछे गए। सवालों से ज्यादा सांसदों की रुचि
बहस और अन्य संसदीय कामकाज में दिखी और इसमें 94 फीसदी से
ज्यादा सांसदों ने भागीदारी दर्ज कराई। इस
लोकसभा के पांच सालों में 32,314 बार विभिन्न विषयों पर बहस हुई और भाजपा के
बांदा से सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने 2038 बार बहस में
अपनी सक्रिय भूमिका निभाकर सबसे आगे रहे। यदि लोकसभा में हुए कामकाज और बर्बाद हुए
समय का विश्लेषण किया जाए तो 16 वीं लोकसभा की
उत्पादकता कुल मिलाकर 87 प्रतिशत रही। सबसे अधिक काम 2016 के बजट सत्र में और सबसे कम काम इसी वर्ष हुए
शीतकालीन सत्र में हुआ। बजट सत्र में जहां 126 फीसदी काम हुआ
वहीं शीतकालीन सत्र में महज 17 प्रतिशत काम
हो पाया।
लोकसभा में कुल मिलाकर 1659:47 घंटे ही काम
हुआ और तक़रीबन 500 से ज्यादा घंटे का समय बर्बाद हुआ। लोकसभा
का समय बर्बाद होने का कारण लगातार चलते रहने वाला व्यवधान है। 16 वीं लोकसभा के पांच सालों में कुल 63,443 बार व्यवधान हुआ। इसके अलावा, 609 बार सांसद वेल में पहुंचे और 171 बार बहिर्गमन (वाक् आउट) किया। बार बार के
व्यवधानों के कारण 313 बार लोकसभा को स्थगित करना पड़ा। दिलचस्प
बात तो यह है कि सतत व्यवधान के कारण सांसद लोकसभा में कम रहते हैं और इसके
फलस्वरूप 191 बार तो कोरम पूरा करने के लिए घंटी बजानी
पड़ी।


