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- सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से मिलने पहुंचे मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने दी हज़ारे को सलाह...
Posted by : achhiduniya
04 February 2019
रालेगण सिद्धि मे सामाजिक कार्यकर्ता
अन्ना हजारे केंद्र में लोकपाल और महाराष्ट्र में लोकायुक्त की तत्काल
नियुक्ति की मांग को लेकरअनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं और शिवसेना ने भी उन्हें
पूरा समर्थन देने की बात कही है। हजारे के
अनशन के छठे दिन महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि में मनसे प्रमुख राज
ठाकरे और जल पुरुष के नाम से प्रख्यात राजेंद्र सिंह ने मुलाक़ात की। ठाकरे ने 81 वर्षीय हजारे से मुलाकात की और उनके
आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। ठाकरे ने हजारे से कहा कि वह ‘बेकार' सरकार के लिए
अपने जीवन का बलिदान ना दें।
उन्होंने हजारे से अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने और भाजपा नीत सरकार को ‘दफन' करने के लिए उनके साथ मिलकर राज्य का दौरा करने का अनुरोध किया। मनसे नेता और हजारे ने यादव बाबा मंदिर परिसर के एक बंद कमरे में 20 मिनट तक बैठक की। बैठक के बाद ठाकरे ने हजारे के प्रदर्शन स्थल पर मौजूद सभा को संबोधित किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर देश को धोखा देने एवं अपनी ही पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मैंने अन्ना से अपील की है कि वह इस बेकार सरकार के लिए अपने जीवन का बलिदान नहीं दें। मैंने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके किसी वादे पर भरोसा नहीं करने को कहा है। ठाकरे ने कहा कि मोदी ने 18 दिसंबर 2013 को लोकपाल विधेयक के समर्थन में ट्वीट किया था।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पांच साल पूरे हो चुके हैं,लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ। वर्ष 2013 में अन्ना के आंदोलन के कारण ही आज लोग सत्ता में हैं। उन्हें यह भूलना नहीं चाहिए। ठाकरे ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अन्ना के आंदोलन के कारण पूरा देश जानता है। अब केजरीवाल सत्ता में हैं और अन्ना के स्वास्थ्य के प्रति कोई चिंता व्यक्त नहीं कर रहे। इससे पहले सुबह राजेंद्र सिंह ने भी हजारे से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की। सिंह ने कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 में ‘खामियों' और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की।
उन्होंने हजारे से अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने और भाजपा नीत सरकार को ‘दफन' करने के लिए उनके साथ मिलकर राज्य का दौरा करने का अनुरोध किया। मनसे नेता और हजारे ने यादव बाबा मंदिर परिसर के एक बंद कमरे में 20 मिनट तक बैठक की। बैठक के बाद ठाकरे ने हजारे के प्रदर्शन स्थल पर मौजूद सभा को संबोधित किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर देश को धोखा देने एवं अपनी ही पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मैंने अन्ना से अपील की है कि वह इस बेकार सरकार के लिए अपने जीवन का बलिदान नहीं दें। मैंने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके किसी वादे पर भरोसा नहीं करने को कहा है। ठाकरे ने कहा कि मोदी ने 18 दिसंबर 2013 को लोकपाल विधेयक के समर्थन में ट्वीट किया था।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पांच साल पूरे हो चुके हैं,लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ। वर्ष 2013 में अन्ना के आंदोलन के कारण ही आज लोग सत्ता में हैं। उन्हें यह भूलना नहीं चाहिए। ठाकरे ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अन्ना के आंदोलन के कारण पूरा देश जानता है। अब केजरीवाल सत्ता में हैं और अन्ना के स्वास्थ्य के प्रति कोई चिंता व्यक्त नहीं कर रहे। इससे पहले सुबह राजेंद्र सिंह ने भी हजारे से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की। सिंह ने कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 में ‘खामियों' और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की।


