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- राफेल लड़ाकू विमान सौदे के लीक दस्तावेज विरोधियों के पास इनकी उपलब्धता ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला....केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा
राफेल लड़ाकू विमान सौदे के लीक दस्तावेज विरोधियों के पास इनकी उपलब्धता ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला....केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा
Posted by : achhiduniya
13 March 2019
अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल की कोर्ट में की गई राफेल लड़ाकू विमान सौदा टिप्पणी ने सियासी भूचाल ला दिया था जिसमें कहा गया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिए गए हैं। हालांकि बाद में अटॉर्नी जनरल ने दावा किया था कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गए और सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात का मतलब यह था कि याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन मूल कागजात की फोटो कॉपी का इस्तेमाल किया, जोकि गोपनीय हैं।
अब केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि पुनर्विचार याचिका के दस्तावेज संवेदनशील हैं और लड़ाकू विमान से संबंधित हैं। हलफनामें में कहा गया कि विरोधियों के पास इनकी उपलब्धता ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है। अनधिकृत रूप से राफेल दस्तावेज की फोटो कॉपिया तैयार करने से देश की सार्वभौमिकता, सुरक्षा और दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ा। केंद्र ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता यशवंत सिन्हा, अरूण शौरी और प्रशांत भूषण संवदेनशील जानकारी लीक करने के दोषी हैं।
केंद्र ने कहा कि याचिकाकर्ता राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में आंतिरक मंत्रणा के बारे में आधी अधूरी तस्वीर पेश करने के लिये अनधिकृत तरीके से प्राप्त दस्तावेजों को अपने हिसाब से पेश कर रहे हैं। केन्द्र ने हलफनामे में कहा कि याचिका में जिन दस्तावेजों को आधार बनाया गया है वे एक खास श्रेणी के हैं जिनके लिये साक्ष्य कानून के तहत विशेषाधिकार का दावा किया जा सकता है।


