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बीजेपी ने पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा को “खामोश” [टिकट कट] कर रविशंकर प्रसाद को दिया [टिकट] बोलने का मौका...
Posted by : achhiduniya
23 March 2019
पटना साहिब भारतीय जनता पार्टी का परंपरागत गढ़ माना जाता है। यहां किसी भी नेता को बीजेपी से टिकट मिल जाए तो उसकी आधी जीत पक्की मानी जाती है। सियासी और जातिगत समीकरण भी भाजपा के पक्ष में ही हमेशा रहे हैं। इस बार पटना साहिब से बीजेपी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का टिकट कट गया है। उनकी जगह रविशंकर प्रसाद चुनाव लड़ेंगे। दूसरी ओर रविशंकर प्रसाद केंद्रीय मंत्री हैं और वे पीएम मोदी और अमित शाह दोनों के ही करीबी माने जाते हैं। साथ ही वे पटना साहिब में सबसे अधिक आबादी कायस्थ जाति इसी जाति से शत्रुघ्न सिन्हा हैं का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। पटना साहिब कायस्थ वोट बाहुल्य माना जाता है।
बीते साढ़े चार वर्षों से सांसद शत्रुघ्न
सिन्हा लगातार मोदी विरोध की राजनीति करते रहे हैं। वे कई बार विरोधी दलों के मंच
पर अपनी ही पार्टी के विरोध में खड़े रहे और जमकर भाषणबाजी भी की है। यही कारण है
कि वे बीजेपी विरोधी नेताओं के चहेते बन गए और पार्टी उनसे दूर हो गई। हालांकि इस
बात का उनके भी अहसास था। तभी बीते दिनों उन्होंने ये ट्वीट किया था जिसमें पीएम
मोदी पर निशाना साधते हुए पार्टी छोड़ने के संकेत दिए थे। ट्वीट में उन्होंने लिखा, सर राष्ट्र आपका सम्मान करता है पर नेतृत्व में विश्वसनीयता और विश्वास की कमी है।
उन्होंने आगे लिखा, नेतृत्व जो कर रही है और कह रही है, क्या लोग उसपर विश्वास कर रहे हैं? शायद नहीं। जनता से किए गए वादे अभी भी पूरे होने
बाकी हैं। जो अब पूरे हो भी नहीं पाएंगे। आशा, इच्छा और
प्रार्थना, हालांकि मैं अब आपके साथ नहीं रह सकता। उन्होंने
कहा मोहब्बत करने वाले कम न होंगे, (शायद) तेरी
महफिल में लेकिन हम न होंगे। बिहारी बाबू के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा ने 2009 और 2014 में बीजेपी
के टिकट पर चुनाव जीता,लेकिन 2014 के बाद
बीजेपी की टॉप लीडरशिप से उनका मतभेद जगजाहिर हो गया।
शत्रुघ्न सिन्हा ने 2014 के चुनाव में भोजपुरी फिल्म स्टार और कांग्रेस
उम्मीदवार कुणाल सिंह को 2 लाख 65 हजार वोटों
से हराया था। आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार परवीन अमानुल्ला चौथे स्थान पर रही थीं।
2009 में कांग्रेस ने यहां से अभिनेता शेखर
सुमन को उतारा था, लेकिन बिहारी बाबू के जादू के आगे शेखर
सुमन की एक नहीं चली।



