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- कांग्रेस को चुनाव के ठीक पहले इस्तीफ़े से झटका दिया अल्पेश ठाकोर और 2 कांग्रेसी MLA ने....
Posted by : achhiduniya
10 April 2019
2019 लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले अल्पेश
ठाकोर ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया है। अल्पेश ठाकोर के अलावा गुजरात के 2 और
कांग्रेसी MLA ने पार्टी छोड़ दी है। तीनों नेताओं ने
इस्तीफा दे दिया। एक महीने पहले अटकलें थीं कि अल्पेश बीजेपी में शामिल होने वाले
हैं लेकिन उन्होंने इसका खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि मैं ठाकोर समुदाय के
अधिकारों के लिए लड़ूंगा और कांग्रेस के साथ ही रहूंगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया
था कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। मार्च में ठाकोर ने कहा था, मैं कांग्रेस के साथ रहूंगा और पार्टी को सपोर्ट
करूंगा। मैं अपने लोगों के लिए सम्मान और अधिकार चाहता हूं।
अल्पेश ठाकोर के अलावा
धवलसिंह ठाकोर और भरतजी ठाकोर ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। बता दें कि विधायक
अल्पेश ठाकोर द्वारा गठित एक संगठन गुजरात क्षत्रीय ठाकोर सेना ने कांग्रेस से
अपने संबंध पर संजीदा होने का निर्णय लिया है और विधायक से पार्टी से इस्तीफा देने
और 24 घंटे के भीतर अपना रूख स्पष्ट करने को कहा था। ऐसी अटकलें पहले से ही थी कि
अल्पेश ठाकोर कांग्रेस छोड़ सकते हैं, क्योंकि वह
स्थानीय पार्टी नेतृत्व से नाखुश हैं। वह पाटन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने उनके बजाय पूर्व सांसद जगदीश
ठाकोर को तवज्जो दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन
सहित महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कांग्रेस ठाकोर सेना की अनदेखी कर रही है। संगठन
के प्रमुख अल्पेश ठाकोर बैठक में उपस्थित नहीं थे। गुजरात में एक प्रमुख ओबीसी
नेता के रूप में उभरने के बाद वह 2017 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल
हुये और पाटन जिले में राधानपुर सीट से चुनाव जीते थे।
ओबीसी नेता ने दावा किया
उनका समुदाय और समर्थक ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इस मामले में विधायक
की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। एक हफ्ते पहले सीएम विजय रुपाणी और बीजेपी गुजरात के
चीफ जीतूभाई वाघवानी से मिलकर कांग्रेस की नींद उड़ा दी थी। अल्पेश ने माना था कि
वह खुद के लिए मंत्री पद मांग रहे थे,लेकिन
कांग्रेस आलाकमान से बातचीत के बाद उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। उन्होंने वरिष्ठ
कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मिलकर सारी परेशानियां बताईं। उन्होंने यह भी कहा कि
वह कांग्रेस के कुछ नेताओं के काम करने के तरीके से खुश नहीं थे,लेकिन अब यह पुरानी बात हो चुकी है। अगर मैं बीजेपी में जाता तो 6 महीने पीछे चला
जाता। तीसरे चरण के मतदान यानी 23 अप्रैल को गुजरात में वोट डाले जाएंगे।


