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चुनाव आयोग की स्क्रीनिंग रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट देगा बायॉपिक 'पीएम' नरेंद्र मोदी प्रदर्शित करने की इजाजत का फैसला....
Posted by : achhiduniya
17 April 2019
चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित इस
फिल्म पर चुनाव आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए रोक लगा दी थी। विपक्षी
दलों की शिकायत पर आयोग ने इसके प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। शिकायत में कहा गया
है कि मोदी पर आधारित बायॉपिक को चुनाव के दौरान प्रदर्शित करने का मकसद बीजेपी को
चुनावी फायदा पहुंचाना है, इसलिए चुनाव के दौरान इसके प्रदर्शन की
अनुमति देने से चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन होगा। इस पर फिल्म
के मेकर्स ने कहा था कि लोकतंत्र में, अभिव्यक्ति की
स्वतंत्रता महत्वपूर्ण होती है, उन्होंने
सुप्रीम कोर्ट से अपनी फिल्म को एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा की तरह नहीं बल्कि प्रेरणादायी कहानी के तौर पर देखने का आग्रह किया था।
फिल्म के
मेकर्स ने कहा था, 'भारत के सभी नागरिकों को न्याय के लिए अपील
करने का अधिकार है और एक निर्माता के तौर पर हम वही कर रहे हैं। यह फिल्म हम सबके
लिए विशेष है और हम चाहते हैं कि दुनिया इसे देखे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनाव आयोग के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी की बायॉपिक 'पीएम' नरेंद्र
मोदी की स्क्रीनिंग की गई। इस स्क्रीनिंग में चुनाव आयोग के सात अधिकारी मौजूद थे।
स्क्रीनिंग के बाद चुनाव आयोग की टीम गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के
पास सब्मिट करेगी, जिसके बाद ही फिल्म के रिलीज पर फैसला
लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था वह विवेक
ओबेराय स्टारर इस फिल्म को देखकर फैसला करे कि फिल्म को बैन किया जाना है या नहीं।
साथ में यह भी कहा गया था कि फिल्म देखने के बाद सोमवार (22 अप्रैल) तक अपना पक्ष
सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में जमा करे। फिल्म 'PM Narendra
Modi' के मेकर्स की ओर से उनके वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में दलील
दी कि चुनाव आयोग ने बिना फिल्म देखे, फिल्म को बैन
करने फैसला कर दिया है। हम सुप्रीम कोर्ट से इस फिल्म को रिलीज करने की इजाजत देने
की अपील कर रहे हैं। न्यायालय का जो भी आदेश होगा, हम उन सभी
नियमों और निर्देशों का पालन करेंगे, हम कानून के
विरुद्ध नहीं जाएंगे।


