- Back to Home »
- Suggestion / Opinion »
- छपास-दिखास और अहंकार इन रोगों को पालने से कैसे बचना चाहिए....? पीएम मोदी ने दी नवनिर्वाचित सांसदों को नसीहत...
छपास-दिखास और अहंकार इन रोगों को पालने से कैसे बचना चाहिए....? पीएम मोदी ने दी नवनिर्वाचित सांसदों को नसीहत...
Posted by : achhiduniya
25 May 2019
प्रधानमंत्री के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से पहले
नरेंद्र मोदी ने मोटरमाउथ नेताओं को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'कभी-कभार अगर पिछले 5 साल का कार्यकाल देखें, इसके लिए हमें किसी और को दोष देने की जरूरत नहीं
है। लेकिन एक छोटी सी जल्दबाजी इतनी बड़ी तपस्या को, इतने बड़े
पुरुषार्थ को डीरेल करने के लिए ताकत रखता है। पिछला जो कार्यकाल रहा, हम चर्चा में इसलिए नहीं रहे कि कुछ गलत किया, न ही कोई ऐसा सरकार के प्रति, मिनिस्टर के प्रति तूफान खड़ा हुआ,लेकिन मसाला दिया किसी ने तो हमने दिया। जो
बड़बोलापन है और वो टीवी के वो डंडे में पता नहीं क्या ताकत होती है कि खोल देता
है मुंह तुरंत, कुछ भी बोल देता है और बोल देते हैं तो
24-48 घंटे तक उनकी दुकानदारी चलती है और हमारी परेशानी बढ़ती है। एनडीए के बैठक
में सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के बाद संसद के सेंट्रल हॉल में मौजूद एनडीए के
नवनिर्वाचित सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, कि कुछ भी ऑफ रिकॉर्ड नहीं होता।
उन्होंने नये
चुने गए सांसदों को सलाह दी कि मीडिया से कैसे बात करें, क्या करें क्या न करें। पीएम मोदी ने पूर्व
प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की एक सलाह का जिक्र करते हुए कहा कि हमें
छपास और दिखास, इन दो रोगों
को पालने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि
कुछ भी ऑफ रिकॉर्ड नहीं होता। पहले लोग यह सवाल पूछते हैं कि पहली बार आप चुनकर आए
तो कैसा लग रहा है। क्षेत्र के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे इत्यादि. आपको लगेगा
कि आपको पूरा देश देख रहा है। फिर धीरे-धीरे यह एक रोग आपको लग जाएगा छपास और दिखास। पीएम मोदी ने
नये निर्वाचित सांसदों से कहा कि किसी के झांसे में आने की जरूरत नहीं है। जो आपके
क्षेत्र के योग्य लोग हों उन्हें चुनिए और उनके साथ काम कीजिए। पीएम मोदी ने
वीआईपी कल्चर से भी बचने का सलाह दी। उन्होंने कहा कि युग बदल रहा है, हमलोग भी अपने को बदलें। उन्होंने कहा कि हमें कतार
में क्यों नहीं लगना चाहिए।
हम भी तो देश के नागरिक हैं। हमारे बैग की चेकिंग क्यों
नहीं होनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि देश की जनता जाग चुकी है। काफी सर्तक है। इसलिए
कोई भी काम करें तो इसका ध्यान रखें। पीएम मोदी ने गांधी जी का जिक्र करते हुए
कहा कि जब भी आप कोई काम करें तो उनकी बात को याद कर लें। महात्मा गांधी ने कहा
था कि जब भी आप कोई काम करें तो कतार में खड़े आखिरी इंसान को एक बार जरूर देखें
और सोचें कि आपका काम उनके लिए है या नहीं। अहंकार को जितना दूर रख सकते हैं, उतना दूर रखें.मोदी ने नवनिर्वाचित नेताओं को खुद को जनता और पार्टी से कभी भी
ऊपर नहीं समझने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा, हमारे भीतर का
कार्यकर्ता जिंदा रहना चाहिए। थोड़ा सा भी अहंकार नहीं रहना चाहिए। अहंकार को
जितना हम दूर रख सकते हैं, रखना चाहिए। कभी-कभी तो हम जब समूह में
होते हैं तो कहते हैं पार्टी ने जिता दिया,लेकिन बाद में
अहंकार आ जाता है कि हमने इतनी मेहनत की तो जीतना ही था।


